Ajit Pawar Plane Crash News: महाराष्ट्र की राजनीति से एक स्तब्ध करने वाली और दुखद खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता अजित पवार का एक विमान हादसे में निधन हो गया है। यह दुर्घटना बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुई। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, वीएसआर ऑपरेटर का लियरजेट-45 विमान क्रैश लैंडिंग का शिकार हो गया। इस खबर से पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। अजित पवार का इस तरह अचानक चले जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
Ajit Pawar Education Qualification: बारामती से की थी शुरुआती पढ़ाई
अजित पवार का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। हालांकि वे राकांपा संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान अपनी मेहनत और प्रशासनिक पकड़ के दम पर बनाई। उनकी शुरुआती शिक्षा उनके गृह क्षेत्र बारामती से ही हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 1973-74 में महाराष्ट्र एजुकेशन सेकेंडरी हाई स्कूल, बारामती से 12वीं (HSC) की परीक्षा पास की थी। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे, जिसने उनके राजनीतिक भविष्य की नींव रखी।
Ajit Pawar Death News: 6 बार उपमुख्यमंत्री बनने का बनाया रिकॉर्ड
अजित पवार के नाम महाराष्ट्र की राजनीति में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। वे राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक और सबसे अधिक बार उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता रहे। उन्होंने अलग-अलग कार्यकालों में कुल 6 बार डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारों में उन्होंने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाया, जो उनकी सांगठनिक क्षमता और राजनीतिक प्रभाव को दर्शाता है।
NCP Leader Ajit Pawar Passed Away: जमीनी राजनीति के थे माहिर खिलाड़ी
अजित पवार को उनकी स्पष्टवादिता और तेज निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाना जाता था। उन्होंने बहुत कम उम्र में राजनीति में प्रवेश किया और सहकारी क्षेत्र से लेकर राज्य की कैबिनेट तक अपनी पकड़ मजबूत की। जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता और प्रशासन पर उनकी मजबूत पकड़ ने उन्हें महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं की श्रेणी में खड़ा किया।
वे न केवल शरद पवार की विरासत के भावी उम्मीदवार थे, बल्कि आधुनिक महाराष्ट्र के विकास और गठबंधन की राजनीति के माहिर खिलाड़ी भी थे। उनके निधन से राज्य ने एक ऐसा नेता खो दिया है जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। इस दुखद घटना के बाद राज्य में शोक का माहौल है और सभी नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।


