जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एयर अरेबिया पीजेएससी को एक लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। मामला ट्रांजिट वीजा जारी करने में मनमाना रवैया अपनाने से जुड़ा है। अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने आदेश में कहा कि याची ने कंपनी से ट्रांजिट वीजा जारी करने के लिए ई-मेल के माध्यम से पत्राचार किया। लेकिन कंपनी ने शिकायत का निराकरण नहीं किया। मामला जीवाजी नगर निवासी विवेक पांडेय का है। उन्होंने 10-11 जून 2024 के दो अलग-अलग टिकट बुक कराए। यात्रा का रूट ताशकंद उज्बेकिस्तान से शारजाह होते हुए नई दिल्ली था। परिवादी ने टिकट बुक करने के बाद ही एयर लाईन को ट्रांजिट वीजा जारी करने मेल किया। इस पर एयर अरेबिया ने जवाब में लिखा कि वह तीनों स्थान , ताशकंद, शारजाह और नई दिल्ली तक का टिकट एक ही एयरलाइन (एयर अरेबिया) होने पर ही ट्रांजिट वीजा जारी करती है। जबकि परिवादी का दूसरे चरण की यात्रा का टिकट इंडिगो एयरलाइन का है। ऐसे में ट्रांजिट वीजा जारी नहीं किया जा सकता। इस पर परिवादी को दिल्ली तक का टिकट एयर अरेबिया से खरीदना पड़ा।


