सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए मंगलवार को डीएम कार्यालय में संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की एक बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद डॉक्टर महेश शर्मा ने की। बैठक में सड़क सुरक्षा गतिविधियों की नियमित निगरानी, सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का गहन विश्लेषण व दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों की पहचान की गई। 152 ब्लैक स्पॉट चिह्नित
जिलाधिकारी ने साल 2021 से 2025 तक जनपद में चिह्नित किए गए सड़क दुर्घटना ब्लैक स्पॉट्स और वहां किए गए सुधारात्मक कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी सांसद को दी गई। अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 152 दुर्घटना ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। सांसद ने निर्देश दिए कि निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप ब्लैक स्पॉट्स की पहचान करते हुए वहां सभी आवश्यक सड़क अभियान्त्रिकी उपाय जैसे स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड, दिशा सूचक बोर्ड, ट्रैफिक सिग्नल एवं सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। 4E मॉडल पर करे काम
सांसद ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, प्रवर्तन, आपातकालीन देखभाल एवं अभियान्त्रिकी अर्थात ‘4E मॉडल’ के समन्वित क्रियान्वयन से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर इमरजेंसी लेन के निर्माण, गति सीमा की समय-समय पर समीक्षा तथा यातायात शांत करने वाले उपायों को सख्ती से लागू करने पर विशेष जोर दिया। दुर्घटना पर 1.5 लाख तक केशलैस इलाज
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वारा अवगत कराया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए पैनल अस्पतालों में 1.5 लाख तक की केशलैस उपचार योजना संचालित है। इस पर सांसद ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित एवं प्रभावी सहायता मिल सके। बैठक में विद्यालय यानों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि जनपद में सभी विद्यालय वाहनों की फिटनेस जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत सीसीटीवी, जीपीएस, प्रशिक्षित चालक एवं सहायक स्टाफ की उपलब्धता व चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।


