विभाजनकारी ताकतों को सिर उठाने से रोकना जरूरी : मंत्री गुंडूराव

विभाजनकारी ताकतों को सिर उठाने से रोकना जरूरी : मंत्री गुंडूराव

मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि विभाजनकारी ताकतों को सिर उठाने से रोकते हुए सभी धर्मों का सम्मान करना, सामाजिक शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना और सभी आस्थाओं के बीच सौहार्द को बढ़ावा देना हमारा दायित्व है।उन्होंने यह बात जिले के नेहरू मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद गणतंत्र दिवस Republic Day समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेंगलूरु पुलिस आयुक्तालय की सीमाओं के भीतर अक्का पड़े पहल शुरू की जाएगी। इसे हाल ही में दक्षिण कन्नड़ पुलिस सीमा क्षेत्र में शुरू की गई है।

मंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं। विभाजनकारी शक्तियां प्रगति में बाधा डालती हैं और हमें इस वास्तविकता को पहचानना होगा। नशा तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की गई है और छात्रों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस कर्मियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मूडबिद्री पुलिस स्टाफ को 12 क्वार्टर सौंपे गए हैं। मूडबिद्री और मुल्की में अतिरिक्त क्वार्टरों का निर्माण शीघ्र शुरू होगा।

आत्ममंथन का अवसर

गणतंत्र दिवस को आत्ममंथन का अवसर बताते हुए मंत्री ने कहा, यह दिन हर भारतीय के लिए हमारे अतीत की विरासत, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य के सपनों पर विचार करने का है। हमें राष्ट्र की गरिमा और संप्रभुता बनाए रखनी चाहिए, स्वच्छता अपनानी चाहिए, सामाजिक कुरीतियों से दूर रहना चाहिए, पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए जैव-विविधता का संरक्षण करना चाहिए।मंत्री ने यह भी कहा कि दक्षिण कन्नड़ जिले के धार्मिक और पर्यटन केंद्रों का और विकास किया जाएगा, ताकि पर्यटन क्षेत्र में निवेश आकर्षित हो सके।

मनरेगा पर केंद्र की आलोचना

अपने संबोधन में मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को अचानक समाप्त करने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में इस योजना ने गरीबी रेखा के पास रहने वाले करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। नया केंद्रीकृत मॉडल गरीब-विरोधी, श्रमिक-विरोधी और असंवैधानिक है। राज्य सरकार इस कदम का कानूनी और नैतिक रूप से विरोध करती है, क्योंकि इससे विकेंद्रीकरण कमजोर होता है और पंचायतों व राज्यों की शक्तियां केंद्र को स्थानांतरित होती हैं।

अंगदान करने वाले परिवार का सम्मान

इस अवसर पर सुल्लिया तालुक के बेट्टमपाडी निवासी सिंधुश्री के परिवार को सम्मानित किया गया। सिंधुश्री को गत वर्ष 24 दिसंबर को ब्रेन-डेड Brain Dead घोषित किए जाने के बाद परिवार ने उनके अंगदान Organ Donation का निर्णय लिया। वे 17 दिसंबर को पुत्तूर से सुल्लिया जा रही केएसआरटीसी बस में यात्रा के दौरान बेहोश हो गई थीं। अस्पताल ले जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

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