पलामू में दो हाथी दांत के साथ तस्कर गिरफ्तार:मिर्चइया वाटरफॉल के पास वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई

पलामू में दो हाथी दांत के साथ तस्कर गिरफ्तार:मिर्चइया वाटरफॉल के पास वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई

पलामू टाइगर रिजर्व के गारू पश्चिमी प्रक्षेत्र अंतर्गत मिर्चइया वाटरफॉल के पास हाथी दांत तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्लूसीसीबी) की टीम ने पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की संयुक्त टीम के साथ छापेमारी कर दो हाथी दांतों के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान सचिन कुमार गुप्ता (25) के रूप में हुई है, जो बारेसांढ़ निवासी अशोक प्रसाद का पुत्र है। पलामू टाइगर रिजर्व साउथ डिवीजन के डीएफओ कुमार आशीष ने बताया कि डब्लूसीसीबी को सुरकमी क्षेत्र से हाथी दांत की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। डीएफओ कुमार आशीष ने यह भी बताया कि आरोपी के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 50 और 51 सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि संरक्षित वन्यजीवों के अंगों की तस्करी एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कानून में कड़ी सजा का प्रावधान है। यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले 22 सितंबर 2022 को भी बारेसांढ़ रेंज के लाटू जंगल से लगभग 300 ग्राम हाथी दांत बरामद किए गए थे। हालांकि, उस समय तस्कर घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि वर्तमान गिरफ्तारी का संबंध उसी तस्करी नेटवर्क से हो सकता है। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से डब्लूसीसीबी की टीम इस पूरे क्षेत्र में लगातार सक्रिय थी। हाल के दिनों में पैंगोलिन स्केल्स की तस्करी के मामलों में भी कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पलामू क्षेत्र में वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी गई है। पलामू टाइगर रिजर्व के गारू पश्चिमी प्रक्षेत्र अंतर्गत मिर्चइया वाटरफॉल के पास हाथी दांत तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्लूसीसीबी) की टीम ने पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की संयुक्त टीम के साथ छापेमारी कर दो हाथी दांतों के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान सचिन कुमार गुप्ता (25) के रूप में हुई है, जो बारेसांढ़ निवासी अशोक प्रसाद का पुत्र है। पलामू टाइगर रिजर्व साउथ डिवीजन के डीएफओ कुमार आशीष ने बताया कि डब्लूसीसीबी को सुरकमी क्षेत्र से हाथी दांत की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। डीएफओ कुमार आशीष ने यह भी बताया कि आरोपी के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 50 और 51 सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि संरक्षित वन्यजीवों के अंगों की तस्करी एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कानून में कड़ी सजा का प्रावधान है। यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले 22 सितंबर 2022 को भी बारेसांढ़ रेंज के लाटू जंगल से लगभग 300 ग्राम हाथी दांत बरामद किए गए थे। हालांकि, उस समय तस्कर घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि वर्तमान गिरफ्तारी का संबंध उसी तस्करी नेटवर्क से हो सकता है। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से डब्लूसीसीबी की टीम इस पूरे क्षेत्र में लगातार सक्रिय थी। हाल के दिनों में पैंगोलिन स्केल्स की तस्करी के मामलों में भी कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पलामू क्षेत्र में वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी गई है।  

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