औरंगाबाद में 100 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां चोरी:ठाकुरबाड़ी से राम, लक्ष्मण, जानकी की मूर्ति ले गए बदमाश, भगवान हनुमान का मुकुट भी ले गए

औरंगाबाद में 100 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां चोरी:ठाकुरबाड़ी से राम, लक्ष्मण, जानकी की मूर्ति ले गए बदमाश, भगवान हनुमान का मुकुट भी ले गए

औरंगाबाद के बारुण में एक मंदिर से करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार की देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में रखी भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की मूर्तियों को चोरी कर ली। घटना जम्होर थाना क्षेत्र के बरौली गांव की है। जानकारी के मुताबिक, बदमाशों ने मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान का मुकुट भी अपने साथ ले गए। चोरी की जानकारी मंगलवार की सुबह उस समय हुई जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह से मूर्तियां और मुकुट गायब देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीण बोले- चोरों ने भगवान को भी नहीं छोड़ा ग्रामीण अजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि यह ठाकुरबाड़ी करीब 100 वर्ष पूर्व बनवाया गया था, जिसमें अष्टधातु से निर्मित भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की मूर्तियां स्थापित थीं। प्रत्येक मूर्ति का वजन लगभग 25 से 30 किलोग्राम बताया जा रहा है और इनकी कीमत करोड़ों रुपए में आंकी जा रही है। इसके अलावा मंदिर में स्थापित हनुमान जी का अष्टधातु का मुकुट भी चोरी हुआ है। घटना को लेकर गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि उनकी आस्था पर हमला है। घटना की सूचना पर पहुंचे डॉग स्क्वायड की टीम घटना की सूचना मिलते ही जम्होर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया है। साथ ही डॉग स्क्वायड की मदद से भी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि ठाकुरबाड़ी की देखरेख के लिए गांव के ही एक व्यक्ति को रखा गया था, जो प्रतिदिन पूजा-अर्चना के बाद मंदिर बंद कर घर लौट जाता था। रात में मंदिर और आसपास का इलाका सुनसान रहता है, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर चोरों की गिरफ्तारी नहीं हुई और चोरी गई मूर्तियां बरामद नहीं की गईं, तो वे धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे। वहीं, जम्होर थाना अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम की सहायता से गहन छानबीन की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। औरंगाबाद के बारुण में एक मंदिर से करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार की देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर में रखी भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की मूर्तियों को चोरी कर ली। घटना जम्होर थाना क्षेत्र के बरौली गांव की है। जानकारी के मुताबिक, बदमाशों ने मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान का मुकुट भी अपने साथ ले गए। चोरी की जानकारी मंगलवार की सुबह उस समय हुई जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह से मूर्तियां और मुकुट गायब देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीण बोले- चोरों ने भगवान को भी नहीं छोड़ा ग्रामीण अजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि यह ठाकुरबाड़ी करीब 100 वर्ष पूर्व बनवाया गया था, जिसमें अष्टधातु से निर्मित भगवान राम, लक्ष्मण और माता जानकी की मूर्तियां स्थापित थीं। प्रत्येक मूर्ति का वजन लगभग 25 से 30 किलोग्राम बताया जा रहा है और इनकी कीमत करोड़ों रुपए में आंकी जा रही है। इसके अलावा मंदिर में स्थापित हनुमान जी का अष्टधातु का मुकुट भी चोरी हुआ है। घटना को लेकर गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि उनकी आस्था पर हमला है। घटना की सूचना पर पहुंचे डॉग स्क्वायड की टीम घटना की सूचना मिलते ही जम्होर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया है। साथ ही डॉग स्क्वायड की मदद से भी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि ठाकुरबाड़ी की देखरेख के लिए गांव के ही एक व्यक्ति को रखा गया था, जो प्रतिदिन पूजा-अर्चना के बाद मंदिर बंद कर घर लौट जाता था। रात में मंदिर और आसपास का इलाका सुनसान रहता है, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर चोरों की गिरफ्तारी नहीं हुई और चोरी गई मूर्तियां बरामद नहीं की गईं, तो वे धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे। वहीं, जम्होर थाना अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम की सहायता से गहन छानबीन की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।  

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