सीमांचल में AIMIM का मंत्री पर कमीशनखोरी का दावा:कहा– अस्पतालों में दवा-डॉक्टर की कमी, हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन करेंगे

सीमांचल में AIMIM का मंत्री पर कमीशनखोरी का दावा:कहा– अस्पतालों में दवा-डॉक्टर की कमी, हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन करेंगे

AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने सीमांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री पर कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हसन ने बताया कि कटिहार के बारसोई, बलरामपुर, कटिहार और पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल के सदर अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को न तो समय पर दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पा रही हैं। अस्पतालों की हालत बद से बदतर
उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री लंबे समय से अपने पद पर हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अस्पतालों में केवल भवन निर्माण और सामान की खरीद पर जोर दिया जा रहा है। आदिल हसन के अनुसार, मरीजों की जान से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह से विफल हो चुकी हैं। आदिल हसन ने बलरामपुर प्रखंड के शिवानंदपुर और आबादपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां अस्पतालों की हालत बद से बदतर है। कई स्थानों पर एक्सपायरी दवाएं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध नहीं
उन्होंने बारसोई के सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर भी प्रकाश डाला, जहां डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती। साथ ही, रात के समय महिला डॉक्टरों की व्यवस्था भी नदारद है और सांप काटने के इलाज के लिए आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप दोहराते हुए आदिल हसन ने कहा कि अस्पतालों में भवन निर्माण और सामान की खरीद में तेजी इसलिए दिख रही है क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी हो रही है। उन्होंने जोर दिया कि आम जनता के इलाज के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। एक्सपायरी दवाएं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
AIMIM प्रवक्ता ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन से मांग की कि बलरामपुर और बारसोई के अस्पतालों में तैनात डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटिया सामान और एक्सपायरी दवाएं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। आदिल हसन ने चेतावनी दी कि यदि बारसोई और बलरामपुर के सभी पीएचसी में सिविल सर्जन द्वारा जल्द से जल्द सुधार नहीं किया गया, तो इसके खिलाफ एक जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने सीमांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री पर कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हसन ने बताया कि कटिहार के बारसोई, बलरामपुर, कटिहार और पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल के सदर अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को न तो समय पर दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पा रही हैं। अस्पतालों की हालत बद से बदतर
उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री लंबे समय से अपने पद पर हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अस्पतालों में केवल भवन निर्माण और सामान की खरीद पर जोर दिया जा रहा है। आदिल हसन के अनुसार, मरीजों की जान से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह से विफल हो चुकी हैं। आदिल हसन ने बलरामपुर प्रखंड के शिवानंदपुर और आबादपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां अस्पतालों की हालत बद से बदतर है। कई स्थानों पर एक्सपायरी दवाएं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध नहीं
उन्होंने बारसोई के सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर भी प्रकाश डाला, जहां डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती। साथ ही, रात के समय महिला डॉक्टरों की व्यवस्था भी नदारद है और सांप काटने के इलाज के लिए आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्री पर गंभीर आरोप दोहराते हुए आदिल हसन ने कहा कि अस्पतालों में भवन निर्माण और सामान की खरीद में तेजी इसलिए दिख रही है क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी हो रही है। उन्होंने जोर दिया कि आम जनता के इलाज के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। एक्सपायरी दवाएं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
AIMIM प्रवक्ता ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन से मांग की कि बलरामपुर और बारसोई के अस्पतालों में तैनात डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटिया सामान और एक्सपायरी दवाएं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। आदिल हसन ने चेतावनी दी कि यदि बारसोई और बलरामपुर के सभी पीएचसी में सिविल सर्जन द्वारा जल्द से जल्द सुधार नहीं किया गया, तो इसके खिलाफ एक जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।  

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