दरभंगा में हेलीपैड से सटे इलाके में जलजमाव:कल नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा; मैदान के एक बड़े हिस्से में जमा पानी

दरभंगा में हेलीपैड से सटे इलाके में जलजमाव:कल नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा; मैदान के एक बड़े हिस्से में जमा पानी

दरभंगा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा आने वाले कल प्रस्तावित है, जिसे लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी क्रम में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर स्थित राज मैदान में हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर उतरेगा। हेलीपैड से सटे इलाके में भारी जलजमाव है। मैदान के एक बड़े हिस्से में सड़ा हुआ पानी, कीचड़ और जलकुंभी पसरी हुई है, जिससे तेज बदबू उठ रही है। हालात ऐसे हैं कि खिलाड़ी महीनों से इस मैदान में अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। काम एनओसी के अभाव में अटका जलनिकासी के लिए नाला निर्माण आवश्यक है, लेकिन यह काम एनओसी के अभाव में अटका हुआ है। जिला प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन से एनओसी मांगी गई है और जैसे ही अनुमति मिलेगी, नाला निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। दूसरी ओर मिथिला विश्वविद्यालय की कुलसचिव ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला हुआ है। यदि पत्र मिलता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत एनओसी देने को तैयार है। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान जमीन पर पर्दा डालकर या अस्थायी ढंग से दृश्य छुपाया जा सकता है, लेकिन हेलिकॉप्टर से पूरे इलाके की सच्चाई साफ नजर आएगी। दरभंगा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा आने वाले कल प्रस्तावित है, जिसे लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी क्रम में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर स्थित राज मैदान में हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर उतरेगा। हेलीपैड से सटे इलाके में भारी जलजमाव है। मैदान के एक बड़े हिस्से में सड़ा हुआ पानी, कीचड़ और जलकुंभी पसरी हुई है, जिससे तेज बदबू उठ रही है। हालात ऐसे हैं कि खिलाड़ी महीनों से इस मैदान में अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। काम एनओसी के अभाव में अटका जलनिकासी के लिए नाला निर्माण आवश्यक है, लेकिन यह काम एनओसी के अभाव में अटका हुआ है। जिला प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन से एनओसी मांगी गई है और जैसे ही अनुमति मिलेगी, नाला निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। दूसरी ओर मिथिला विश्वविद्यालय की कुलसचिव ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला हुआ है। यदि पत्र मिलता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत एनओसी देने को तैयार है। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान जमीन पर पर्दा डालकर या अस्थायी ढंग से दृश्य छुपाया जा सकता है, लेकिन हेलिकॉप्टर से पूरे इलाके की सच्चाई साफ नजर आएगी।  

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