लखनऊ में रामलला की ₹50 हजार की पेंटिंग:योगी के मंत्री बोले- इसे नहीं खरीद पाऊंगा; UPITEX में 300 स्टॉल, यूनीक ताले बिक रहे

लखनऊ में रामलला की ₹50 हजार की पेंटिंग:योगी के मंत्री बोले- इसे नहीं खरीद पाऊंगा; UPITEX में 300 स्टॉल, यूनीक ताले बिक रहे

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो (UPITEX) चल रहा है। इसमें 300 से ज्यादा स्टॉल लगे हैं। इनमें हैंडमेड चीजें बिक रही हैं। अलीगढ़ से शेर, हाथी, घोड़े वाले पीतल के ताले आए बिक रहे हैं। सोलर प्लांट के स्टॉल हैं। कैनवास पेंटिंग के भी स्टॉल हैं। 27 जनवरी तक चल रहे इस एक्सपो का उद्घाटन योगी सरकार में मंत्री राकेश सचान ने 23 जनवरी को किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी के मुख्य सलाहकार पूर्व IAS अवनीश अवस्थी भी मौजूद रहे। दोनों पेंटिंग के स्टॉल पर पहुंचे। यहां रामलला की पेंटिंग देखने लगे। पेंटिंग का दाम जानते ही मंत्री ने अपने हाथ पीछे कर लिए। उन्होंने साथ चल रहे पूर्व IAS अवनीश अवस्थी से कहा कि मेहनत तो लगती होगी इस पेंटिंग को बनाने में। वैसे यह खरीदना मेरे वश में नहीं है। दरअसल, स्टॉल के ओनर सत्यम प्रकाश ने मंत्री से रामलला की कैनवास पेंटिंग की कीमत 50 हजार रुपए बताई थी। उनके पास 30 हजार से 75 हजार रुपए तक के पेंटिंग हैं। इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो की 3 तस्वीरें… अब पढ़िए स्टॉल्स की हलचल… 2 महीने में बनी पेंटिंग की MSME मंत्री ने बड़ाई की MSME मंत्री राकेश सचान स्टॉल पर पहुंचे तो उन्होंने कैनवास पर बनी रामलीला की एक पेंटिंग देखी। स्टॉल संचालक सत्यम प्रकाश ने बताया कि यह पेंटिंग पूरी तरह हाथ से बनाई गई है, जिसे तैयार करने में करीब दो महीने लगे। पेंटिंग में एक्रेलिक और मेटेलिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है और इसका साइज करीब 3×4 फीट है। इसकी कीमत 50 हजार रुपए रखी गई है। स्टॉल संचालक सत्यम प्रकाश ने बताया कि पेंटिंग की असली कीमत कलाकार की मेहनत और उसमें लगे समय से तय होती है। मंत्री राकेश सचान ने इस पर उनकी अवनीश अवस्थी से बड़ाई की। सत्यम ने बताया- उनकी गैलरी लखनऊ में फन मॉल के पास है, जहां कैनवास और कॉटन पर बनी कई तरह की हैंडमेड पेंटिंग्स उपलब्ध हैं। गिलहरी के सिर्फ एक बाल से बनाई मोर की पेंटिंग स्टॉल ओनर सत्यम के मुताबिक, इस पेंटिंग को बनाने के लिए ऐसे ब्रश का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें गिलहरी का सिर्फ एक बाल होता है। उसी एक बाल से पूरी डिजाइन तैयार की जाती है। भगवान कृष्ण की पिचवई शैली की पेंटिंग भी स्टॉल पर मौजूद है, जिसे तैयार करने में करीब तीन महीने लगे हैं। इसकी कीमत 30 हजार रुपए रखी गई है। स्टॉल पर कॉटन कपड़े पर बनी कृष्ण लीला की पेंटिंग भी रखी गई है, जिसकी कीमत 75 हजार रुपए है। इसे बनाने में ढाई महीने का समय लगा है। इस पेंटिंग में इटैलिक, मेटेलिक और सफेद रंगों का इस्तेमाल किया गया है। कन्नौज के 500 तरह के इत्र की लगी प्रदर्शनी एक्सपो में कन्नौज से आए मोहम्मद अली अंसारी का इत्र का स्टॉल भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। उनके पास 500 से ज्यादा किस्म के इत्र हैं। अंसारी ने बताया- ‘ब्लू ओसियन’ उनका सबसे ज्यादा बिकने वाला इत्र है, जिसे अलग-अलग फूलों की खुशबू से तैयार किया जाता है। इसकी मांग देश के साथ-साथ विदेश में भी है। गणेशजी वाले ताले की डिमांड विदेश में भी एक्सपो में अलीगढ़ के पारंपरिक तालों ने भी खासा ध्यान खींचा। अलीगढ़ के ताला कारोबारी यशराज ने बताया कि उनकी पीतल के ताले और मूर्तियों की फैक्ट्री अलीगढ़ में है। स्टॉल पर एंटीक लुक वाले ओल्ड मॉडल ताले के साथ-साथ नई पीढ़ी के डिजाइनर ताले भी रखे गए हैं। इन तालों पर भगवान गणेश, बजरंगबली समेत अन्य देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी गई हैं। यशराज के मुताबिक, ये ताले पूरी तरह पीतल से बने होते हैं, जो गिरने पर भी टूटते नहीं हैं और मजबूती के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि धार्मिक आकृतियों वाले इन तालों की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी काफी ज्यादा है और इन्हें एक्सपोर्ट किया जाता है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *