कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस द्वारा एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह को झुनझुना देने का प्रयास करने के मामले में अब बड़े राजनीतिक चेहरे मैदान में आमने-सामने आए हैं। एक ओर जहां पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने इसे गलत परंपरा बताते हुए कांग्रेस के रवैये की निंदा की है। वहीं हिसार सांसद जयप्रकाश द्वारा विधायक का समर्थन करने के मामले पर कहा है कि जेपी ने हमेशा गलत का साथ दिया है। दूसरी ओर कलायत के विधायक विकास सहारण विधायक देवेंद्र हंस का समर्थन करते हुए कहा कि हंस ने एक सैनिक को नहीं बल्कि एक अधिकारी को झुनझुना देने का प्रयास किया है। अगर लोगों के साथ भ्रष्टाचार हो रहा है तो विधायक का काम है कि वह जनता के हित में ऐसे मुद्दे को उठाए। कमलेश ढांडा ने कहा-ये परंपरा बिल्कुल गलत पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि ये परंपरा बिल्कुल भी सही नहीं है। अधिकारी सरकार के नुमाइंदे हैं। वे हर समय जनहित और सेवा का कार्य करते हैं। कांग्रेस का हमेशा यही रवैया रहा है। उनके पास कोई काम करने को तो है नहीं, ऐसे में वे उट पटांग करते हैं। सांसद जयप्रकाश द्वारा विधायक देवेंद्र हंस का समर्थन करने के मामले पर उन्होंने कहा कि सांसद जेपी ने हमेशा गलत का साथ दिया है। विधायक द्वारा जो किया गया, वह सही नहीं है। कांग्रेस केवल लोगों को बरगलाने का काम करती है, लेकिन जनता सब समझती है। कलायत विधायक बोले- एसडीएम को झुनझुना देने का प्रयास किया, न कि सैनिक को वहीं कलायत से कांग्रेस के विधायक विकास सहारण ने गुहला विधायक का मामले में समर्थन किया है। विधायक विकास ने कहा कि वैसे तो वे हलके के एमएलए हैं, लेकिन पेशे से वकील हैं। ऐसे ही एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह पहले सैनिक थे, लेकिन अब एक अधिकारी हैं। गुहला विधायक ने एक एसडीएम को झुनझुना देने का प्रयास किया है। देवेंद्र हंस ने कोई भी ऐसा शब्द नहीं कहा, जिससे किसी की भावना आहत हो। अगर लोगों के साथ भ्रष्टाचार हो रहा है तो विधायक का काम है कि वह जनता के हित में ऐसे मुद्दे को उठाए। विधायक ने एसडीएम को झुनझुना इसलिए दिया है कि वे भ्रष्टाचार को रोकने में विफल हैं। जनता जब विधायक के पास गई तो काम न करने पर विधायक ने एसडीएम को झुनझुना देने का प्रयास किया। ये है मामला बता दें कि चीका के बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों की लंबाई 12 से बढ़ाकर 25 फीट तक कर दी गई। इस संबंध में क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रशासन को शिकायत दी और विधायक के संज्ञान में भी मामला लाया गया। विधायक ने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद विधायक को सूचना दी गई। इसके बाद विधायक बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायक को झुनझुना देने का प्रयास किया गया। अब इस मामले में एसडीएम द्वारा विधायक के खिलाफ शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


