वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कूड़ा खाना स्थित अस्थायी विसर्जन कुण्ड में देर शाम उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कुछ आयोजकों ने माता सरस्वती की बड़ी मूर्ति का विसर्जन करने से इनकार कर दिया। मूर्ति विसर्जन को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई और आयोजक धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गया। मूर्ति बड़ी और कूड़ छोटा देख हुए नाराज बताया गया कि आयोजकों का आरोप था कि अस्थायी रूप से बनाए गए विसर्जन कुंड का आकार छोटा है, जबकि उनकी मूर्ति काफी बड़ी है। इसी कारण वे मूर्ति का विसर्जन नहीं करेंगे। इसको लेकर लगभग 10 से 15 मिनट तक बड़ी मूर्ति लेकर पहुंचे आयोजकों ने नारेबाजी की। हालांकि इसी दौरान अन्य समितियों द्वारा लाई गई छोटी मूर्तियों का विसर्जन लगातार कुंड में किया जाता रहा। पुलिस ने समझा-बुझाकर कर विसर्जन कराना शुरू कराया मामले की गंभीरता को देखते हुए भेलूपुर सर्किल के सभी चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत की और उन्हें नियमों व सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। काफी समझाने-बुझाने के बाद आयोजक मान गए और अंततः बड़ी मूर्ति का भी विसर्जन कुंड में करा दिया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। तेज डीजे की धुन पर लोगों ने जताई नाराजगी वहीं दूसरी ओर, काशी में माता सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन हर्ष और उल्लास के साथ किया गया। देर रात तक श्रद्धालु तेज डीजे की धुन पर झूमते नजर आए और सड़कों पर उत्सव का माहौल बना रहा। हालांकि डीजे की तेज आवाज को लेकर स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने आपत्ति भी जताई। कुछ लोगों ने इसे ध्वनि प्रदूषण बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान नियमों का पालन करें और आपसी सौहार्द बनाए रखें।


