जब रगों में दौड़ता खून उबाल मारने लगे और फिजाओं में सिर्फ ‘भारत माता की जय’ की गूंज हो, तो समझ लीजिए कि राष्ट्रभक्ति का सैलाब सड़कों पर उतर आया है। कुछ ऐसा ही मंजर कानपुर साउथ की सड़कों पर देखने को मिला, जहां भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विकास दुबे जी के नेतृत्व में आयोजित विशाल ‘तिरंगा यात्रा’ ने इतिहास रच दिया। दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह इस भव्य यात्रा में भाजपा के नेताओं और जनसेवानियों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रदेश अध्यक्ष (क्षेत्रीय) प्रकाश पाल, सांसद रमेश अवस्थी, जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह और विधायक महेश त्रिवेदी की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया। साथ ही एमएलसी अविनाश सिंह चौहान और एमएलसी अरुण पाठक ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से युवाओं का हौसला बुलंद किया। 6 किलोमीटर तक सिर्फ तिरंगा ही तिरंगा कानपुर साउथ के प्रमुख दीप चौराहे से शुरू हुई यह यात्रा शहर के मुख्य रास्तों से होती हुई गुजरी। करीब 6 किलोमीटर लंबी इस रैली में युवाओं का जनसैलाब ऐसा था कि सड़कें छोटी पड़ गईं। गाड़ियों पर लहराते तिरंगे और हाथों में गर्व से थामे राष्ट्रध्वज को देखकर हर शहरवासी का सीना फख्र से चौड़ा हो गया। “ए वतन, ए वतन, जाने जां जानेमन…” और “कर चले हम फिदा जान-ओ-तन साथियों…” जैसे देशभक्ति गीतों ने माहौल को पूरी तरह से ‘राष्ट्रवाद’ के रंग में सराबोर कर दिया। जोश और जज्बे का अनूठा संगम सिर्फ नेता ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की भारी तादाद ने यह साबित कर दिया कि राष्ट्र प्रथम की भावना उनके लिए सर्वोपरि है। पूरी यात्रा के दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के गगनभेदी उद्घोष से आसमान गूंजता रहा। यह यात्रा केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के उस जज्बे का प्रतीक थी, जो देश की एकता और अखंडता के लिए मर-मिटने को तैयार हैं। विकास दुबे की इस मुहिम ने न केवल कानपुर को तिरंगे के रंग में रंगा, बल्कि हर युवा के दिल में देशभक्ति की एक ऐसी मशाल जला दी है, जिसकी चमक दूर-दराज तक महसूस की जा रही है।


