गणतंत्र दिवस की संध्या पर इस्कॉन मंदिर उज्जैन में ‘आई लव भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 3000 युवाओं ने भारतीय संस्कृति से जुड़ते हुए नशे के खिलाफ शपथ ली। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तनाव, नशा, अवसाद और भटकाव से दूर रखकर सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। इसकी थीम ‘नशा-मुक्त भारत और युवा सशक्तिकरण’ रखी गई थी। इस दौरान युवाओं को श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों के माध्यम से जीवन में स्थिरता, अनुशासन और सफलता का मार्ग बताया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि कैसे श्रील प्रभुपाद ने अमेरिका की युवा पीढ़ी को ‘दम मारो दम’ जैसी नशे की संस्कृति से मुक्त कर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जोड़ा था। उन्होंने युवाओं को ‘हिप्पी से हैप्पी’ बनाया। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, पूर्व में पुलिस के तत्कालीन आईजी के अनुरोध पर परम पूज्य भक्ति चारु स्वामी जी ने नशा मुक्ति अभियान में सहयोग किया था। उन्होंने तीन युवाओं को नशे से बाहर निकालकर मंदिर सेवा से जोड़ा था। कार्यक्रम में युवाओं के लिए नाटक, नृत्य, कीर्तन, प्रेरणादायक भाषण और वीडियो शो जैसी प्रस्तुतियां दी गईं। इन माध्यमों से युवाओं को आत्मचिंतन और जीवन के सही लक्ष्य की ओर प्रेरित किया गया। इस्कॉन उज्जैन के बोर्ड मेंबर राघव पंडित दास ने इस अवसर पर कहा, ‘यह कार्यक्रम युवाओं को सिर्फ नशे से दूर रखने का नहीं, बल्कि उन्हें आत्मिक रूप से सशक्त बनाकर एक मूल्यपरक और संतुलित जीवन की दिशा में ले जाने का प्रयास है। भगवान श्रीकृष्ण की सेवा के माध्यम से युवा अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं।’ इस कार्यक्रम में उज्जैन के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों से आए युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में, सभी ने नशे के खिलाफ सामूहिक शपथ लेकर नशा-मुक्त भारत के संकल्प को दोहराया।


