वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पलामू के पुलिस स्टेडियम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बजट-पूर्व संगोष्ठी में झारखंड की ओर से महिलाओं को बिहार की तर्ज पर 10 हजार रुपए वार्षिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा- प्रस्ताव रखते हुए कहा गया है कि बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ की सोच रखने वाली केंद्र सरकार झारखंड की बेटियों के साथ भी न्याय करेगी। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना अनिवार्य सरकार का मानना है कि यदि सहायता राशि 10 हजार रुपए देने से इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की आर्थिक शक्ति पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के 25 वर्षों बाद भी झारखंड की प्रतिव्यक्ति वार्षिक आय मात्र 1 लाख 16 हजार रुपए है, जिसे बढ़ाने के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद की सरकार आय-वृद्धि आधारित योजनाओं पर फोकस कर रही है। शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग
इस अवसर पर दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग भी दोहराई गई। उन्होंने कहा कि वे झारखंड की माटी के लाल थे और सामाजिक-आर्थिक समानता स्थापित करने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। झारखंड विधानसभा से पारित प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है और राज्य सरकार को उम्मीद है कि भारत सरकार शीघ्र ही इस पर सकारात्मक निर्णय लेगी।


