मधुबनी के हरलाखी थाना क्षेत्र में एक विवाह संपन्न हुआ है। हरियाणा के पानीपत निवासी यशराज ने सोमवार शाम हरलाखी गांव की एक युवती से कल्याणेश्वर स्थान महादेव मंदिर में विवाह किया। यह शादी हरियाणा में लड़कियों की घटती संख्या के कारण हुई, जहां के युवक अब बिहार की लड़कियों से शादी कर रहे हैं। यह अंतरजातीय विवाह युवती के माता-पिता की सहमति से संपन्न हुआ। शादी समारोह में लड़के के माता-पिता और दो अन्य रिश्तेदार पानीपत से आए थे। वहीं, लड़की पक्ष से उनके माता-पिता के साथ समाज के लगभग 25 से 30 लोग इस विवाह के साक्षी बने। ”हरियाणा में शादी के लिए लड़की नहीं मिल पा रही थी” मंदिर के पुजारी हीरा ठाकुर ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जमा हुए थे। यशराज ने बताया कि हरियाणा में उन्हें शादी के लिए लड़की नहीं मिल पा रही थी। लड़की की बहन के सहयोग से उन्होंने हरलाखी में शादी करने का फैसला किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह अपनी पत्नी को अच्छी तरह रखेंगे। बड़ी बेटी की शादी भी हरियाणा में ही हुई यशराज की मां आरती ने इस बिहारी युवती से अपने बेटे की शादी पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि यशराज पानीपत में एक व्यवसायी हैं। लड़की के पिता रामकरण मंडल ने जानकारी दी कि उनकी बड़ी बेटी की शादी भी हरियाणा में ही हुई है, और इस दूसरी बेटी का विवाह भी उन्हीं के सहयोग से संपन्न हुआ है। बेटी की शादी एक व्यवसायी से होने पर खुश शादी के साक्षी बने हरलाखी गांव के लोगों ने बताया कि लड़की का परिवार गरीब है और बेटी की शादी एक व्यवसायी से होने पर वे खुश हैं। इस शादी को लेकर हरलाखी गांव में विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मंदिर में विवाह संपन्न होने के बाद, हरियाणवी दूल्हा-दुल्हन लड़की के माता-पिता के घर हरलाखी गए। मधुबनी के हरलाखी थाना क्षेत्र में एक विवाह संपन्न हुआ है। हरियाणा के पानीपत निवासी यशराज ने सोमवार शाम हरलाखी गांव की एक युवती से कल्याणेश्वर स्थान महादेव मंदिर में विवाह किया। यह शादी हरियाणा में लड़कियों की घटती संख्या के कारण हुई, जहां के युवक अब बिहार की लड़कियों से शादी कर रहे हैं। यह अंतरजातीय विवाह युवती के माता-पिता की सहमति से संपन्न हुआ। शादी समारोह में लड़के के माता-पिता और दो अन्य रिश्तेदार पानीपत से आए थे। वहीं, लड़की पक्ष से उनके माता-पिता के साथ समाज के लगभग 25 से 30 लोग इस विवाह के साक्षी बने। ”हरियाणा में शादी के लिए लड़की नहीं मिल पा रही थी” मंदिर के पुजारी हीरा ठाकुर ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जमा हुए थे। यशराज ने बताया कि हरियाणा में उन्हें शादी के लिए लड़की नहीं मिल पा रही थी। लड़की की बहन के सहयोग से उन्होंने हरलाखी में शादी करने का फैसला किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह अपनी पत्नी को अच्छी तरह रखेंगे। बड़ी बेटी की शादी भी हरियाणा में ही हुई यशराज की मां आरती ने इस बिहारी युवती से अपने बेटे की शादी पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि यशराज पानीपत में एक व्यवसायी हैं। लड़की के पिता रामकरण मंडल ने जानकारी दी कि उनकी बड़ी बेटी की शादी भी हरियाणा में ही हुई है, और इस दूसरी बेटी का विवाह भी उन्हीं के सहयोग से संपन्न हुआ है। बेटी की शादी एक व्यवसायी से होने पर खुश शादी के साक्षी बने हरलाखी गांव के लोगों ने बताया कि लड़की का परिवार गरीब है और बेटी की शादी एक व्यवसायी से होने पर वे खुश हैं। इस शादी को लेकर हरलाखी गांव में विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मंदिर में विवाह संपन्न होने के बाद, हरियाणवी दूल्हा-दुल्हन लड़की के माता-पिता के घर हरलाखी गए।


