मधुबनी के जयनगर स्थित 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) मुख्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाहिनी के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया और तिरंगे को सशस्त्र सलामी दी गई। कमांडेंट भंडारी ने सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला अपने संबोधन में कमांडेंट भंडारी ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। श्री भंडारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस अपने कर्तव्यों के प्रति आत्ममंथन का अवसर है। उन्होंने देश की सुरक्षा को केवल सशस्त्र बलों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आपसी विश्वास, जागरूकता और कानून के प्रति सम्मान से ही सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की जनता की सेवा, सुरक्षा और सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। चयनित कर्मियों को मेडल प्रदान किए गए इस अवसर पर सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक का संदेश भी उपस्थित जनसमूह को सुनाया गया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चयनित कर्मियों को मेडल प्रदान किए गए। मेडल प्राप्त करने वाले कर्मियों की सूची पढ़कर सुनाई गई, जिससे जवानों में उत्साह और गर्व की भावना का संचार हुआ। समारोह में डॉ. मंजीत भाटिया (कमांडेंट मेडिकल), हरेंद्र सिंह (द्वितीय कमान अधिकारी), हरि नारायण जाट (उप कमांडेंट) सहित अन्य अधिकारी, वाहिनी के कर्मी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। वाहिनी मुख्यालय के साथ-साथ 48वीं वाहिनी की सभी सीमा चौकियों पर भी राष्ट्रीय पर्व पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। गणतंत्र दिवस की खुशी में मिठाई वितरित की गई कार्यक्रम के समापन पर सभी जवानों और उनके परिवारजनों को गणतंत्र दिवस की खुशी में मिठाई वितरित की गई। पूरा वातावरण देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव की भावना से भरा रहा। मधुबनी के जयनगर स्थित 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) मुख्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाहिनी के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया और तिरंगे को सशस्त्र सलामी दी गई। कमांडेंट भंडारी ने सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला अपने संबोधन में कमांडेंट भंडारी ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। श्री भंडारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस अपने कर्तव्यों के प्रति आत्ममंथन का अवसर है। उन्होंने देश की सुरक्षा को केवल सशस्त्र बलों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आपसी विश्वास, जागरूकता और कानून के प्रति सम्मान से ही सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की जनता की सेवा, सुरक्षा और सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। चयनित कर्मियों को मेडल प्रदान किए गए इस अवसर पर सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक का संदेश भी उपस्थित जनसमूह को सुनाया गया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चयनित कर्मियों को मेडल प्रदान किए गए। मेडल प्राप्त करने वाले कर्मियों की सूची पढ़कर सुनाई गई, जिससे जवानों में उत्साह और गर्व की भावना का संचार हुआ। समारोह में डॉ. मंजीत भाटिया (कमांडेंट मेडिकल), हरेंद्र सिंह (द्वितीय कमान अधिकारी), हरि नारायण जाट (उप कमांडेंट) सहित अन्य अधिकारी, वाहिनी के कर्मी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। वाहिनी मुख्यालय के साथ-साथ 48वीं वाहिनी की सभी सीमा चौकियों पर भी राष्ट्रीय पर्व पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। गणतंत्र दिवस की खुशी में मिठाई वितरित की गई कार्यक्रम के समापन पर सभी जवानों और उनके परिवारजनों को गणतंत्र दिवस की खुशी में मिठाई वितरित की गई। पूरा वातावरण देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव की भावना से भरा रहा।


