गयाजी में गणतंत्र दिवस के मौके पर शहर के जिला कांग्रेस कार्यालय राजेन्द्र आश्रम में सोमवार को अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। परंपरा के मुताबिक जहां हर साल मुख्य गेट पर झंडोत्तोलन होता रहा है, वहीं इस बार कांग्रेस कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। तय समय पर पहुंचे कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के सामने असहज हालात बन गए। इसके बाद राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाने के लिए अगस्त क्रांति द्वार के पास ही तिरंगा फहराया गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि बीते 76 वर्षों से गणतंत्र दिवस के दिन सुबह 8 बजे से 8:15 बजे के बीच झंडोत्तोलन की परंपरा रही है। इस बार भी सभी नेता और कार्यकर्ता समय पर राजेन्द्र आश्रम पहुंचे थे। लेकिन मुख्य गेट बंद मिला। ऐसे में समय का ध्यान रखते हुए और कार्यक्रम में देरी न हो, इसे देखते हुए अगस्त क्रांति द्वार के पास झंडोत्तोलन का निर्णय लिया गया। जिलाध्यक्ष स्तर से ताला लगाया गया होगा- कांग्रेस नेता कांग्रेसी नेता विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि गेट पर ताला होने के बावजूद कांग्रेसियों ने परंपरा नहीं तोड़ी। पूरे सम्मान और उत्साह के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। उन्होंने कहा कि जब राजेन्द्र आश्रम पहुंचे तो मुख्य द्वार बंद था। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व के समय का ख्याल रखते हुए तिरंगा वहीं फहरा दिया गया। ताला किसने लगाया, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जिला कार्यालय की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष की होती है, ऐसे में ताला उन्हीं के स्तर से लगाया गया होगा। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. गगन मिश्रा ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष की ओर से सुबह 8 बजे झंडोत्तोलन की सूचना दी गई थी। वे समय से पहुंचे, लेकिन गेट बंद मिला। कार्यालय में कहीं भी तैयारी के संकेत नहीं थे। ऐसे हालात में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विशाल कुमार के नेतृत्व में अगस्त क्रांति द्वार पर झंडोत्तोलन किया गया। गयाजी में गणतंत्र दिवस के मौके पर शहर के जिला कांग्रेस कार्यालय राजेन्द्र आश्रम में सोमवार को अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। परंपरा के मुताबिक जहां हर साल मुख्य गेट पर झंडोत्तोलन होता रहा है, वहीं इस बार कांग्रेस कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। तय समय पर पहुंचे कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के सामने असहज हालात बन गए। इसके बाद राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाने के लिए अगस्त क्रांति द्वार के पास ही तिरंगा फहराया गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि बीते 76 वर्षों से गणतंत्र दिवस के दिन सुबह 8 बजे से 8:15 बजे के बीच झंडोत्तोलन की परंपरा रही है। इस बार भी सभी नेता और कार्यकर्ता समय पर राजेन्द्र आश्रम पहुंचे थे। लेकिन मुख्य गेट बंद मिला। ऐसे में समय का ध्यान रखते हुए और कार्यक्रम में देरी न हो, इसे देखते हुए अगस्त क्रांति द्वार के पास झंडोत्तोलन का निर्णय लिया गया। जिलाध्यक्ष स्तर से ताला लगाया गया होगा- कांग्रेस नेता कांग्रेसी नेता विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि गेट पर ताला होने के बावजूद कांग्रेसियों ने परंपरा नहीं तोड़ी। पूरे सम्मान और उत्साह के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। उन्होंने कहा कि जब राजेन्द्र आश्रम पहुंचे तो मुख्य द्वार बंद था। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व के समय का ख्याल रखते हुए तिरंगा वहीं फहरा दिया गया। ताला किसने लगाया, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जिला कार्यालय की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष की होती है, ऐसे में ताला उन्हीं के स्तर से लगाया गया होगा। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. गगन मिश्रा ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष की ओर से सुबह 8 बजे झंडोत्तोलन की सूचना दी गई थी। वे समय से पहुंचे, लेकिन गेट बंद मिला। कार्यालय में कहीं भी तैयारी के संकेत नहीं थे। ऐसे हालात में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विशाल कुमार के नेतृत्व में अगस्त क्रांति द्वार पर झंडोत्तोलन किया गया।


