Republic Day 2026: बालोद जिले का ग्राम नेवारीखुर्द ऐसा गांव हैं, जहां हर दूसरे घर का युवा सेना और पुलिस में पदस्थ है। इस गांव में छुटपन से बच्चों के जहन में देश सेवा करने की भावना भरी जाती है। बच्चे पढ़ाई के साथ देश की रक्षा करने के लिए सेना और पुलिस में भर्ती की भी तैयारी करते हैं। इसलिए इस गांव को सैनिक ग्राम भी कहते हैं।
Republic Day 2026: 150 में से 80 घर के युवा सेना या पुलिस में
ग्राम नेवारीखुर्द में लगभग 150 घर हैं। यहां लगभग 80 घरों के युवा सेना व पुलिस में पदस्थ है। गांव में प्रवेश करते ही बच्चे युवा, कबड्डी खेलते या नदी में दौड़ते नजर आते हैं। अहसास होने लगता है कि यह सैनिकों का गांव है। प्रवेश द्वार पर भारतीय सेना, तोप, मशाल बनाए गए है और सैनिक ग्राम नेवारीखुर्द लिखा हुआ है। इस गांव के युवा अन्य गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
जवानों ने कहा-हमें गर्व है कि भारत माता की रक्षा कर रहे
सीआईएसएफ के जवान टेमन उइके, पुलिस जवान हरि विष्णु सोम, आर्मी जवान गुलशन ठाकुर, भूपेंद्र उइके और पुरानिक निषाद ने कहा कि हमें गर्व है कि हम देश की रक्षा के लिए सेवाएं दे रहे हैं। सेना में भर्ती होकर काम करने में कुछ अलग ही गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि लोगों को देश सेवा में जाने की तैयारी करनी चाहिए।

सरपंच और ग्रामीण बोले- गांव की मिट्टी ही देश भक्ति की मिसाल
नेवारीखुर्द ग्राम पंचायत के सरपंच भोला नुपेंद्र यादव व ग्रामीण राजेंद्र निषाद कहते हैं कि हमें अपने गांव व युवाओं पर गर्व है, जो ेसेना, पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण राजेंद्र निषाद ने कहा कि हम तो उन माता पिता को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने ऐसे वीर जवानों को जन्म दिया। अपने बच्चों को देश की रक्षा करने के लिए गर्व के साथ सरहद पर भेजते हैं। नेवारीखुर्द की मिट्टी ही देश भक्ति की मिसाल है।
पैरी में भी 70 युवक-युवती देश सेवा में तैनात
जिले के ग्राम पैरी के भी युवा सेना में सेवा दे रहे हैं। इसकी पहचान भी सैनिक गांव के रूप में है। इस गांव में 70 से अधिक युवक युवतियां भारतीय सेना में पदस्थ हैं। बालोद जिले के पहले शहीद तिवर सिंह भी इसी गांव से है। ग्राम पंचायत पैरी के सरपंच रूपम देशमुख ने बताया कि हमें अपने गांव व सेना में पदस्थ युवाओं पर गर्व है। आज भी कई युवा सेना में भर्ती होने तैयारी कर रहे हैं। सीमा में तैनात जवान जब छुट्टी में गांव आते हैं तो बच्चों व युवाओं को प्रेरित करते हैं। उन्हें तैयारी के साथ भर्ती की प्रक्रिया के बारे में समझाते हैं। इससे युवा और उत्साहित होते हैं।


