बठिंडा की मौर मंडी में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान में कुर्सी को लेकर विवाद हो गया। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सुखबीर सिंह मैसरखाना और नगर परिषद अध्यक्ष करनैल सिंह के बीच मंच पर कहासुनी हो गई। यह विवाद मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ। अध्यक्ष करनैल सिंह ने आरोप लगाया कि विधायक मैसरखाना खुद और अपने साथियों के साथ उन कुर्सियों पर बैठ गए, जो उनके लिए आरक्षित नहीं थीं। कहासुनी के दौरान, नगर परिषद अध्यक्ष करनैल सिंह ने विधायक सुखबीर सिंह मैसरखाना पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विधायक ने उन्हें अध्यक्ष बनाने के लिए 30 लाख रुपए लिए थे। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद सिविल और पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत करने और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। मौर मंडी नगर परिषद अध्यक्ष करनैल सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन नगर परिषद द्वारा किया जा रहा था। विधायक ने अपने साथी बैठाए, बेटे को धक्का दिया उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक मैसरखाना ने मंच पर आकर आरक्षित कुर्सियों पर कब्जा कर लिया और जब उन्होंने विधायक से अपने साथी को उस कुर्सी पर न बैठाने को कहा, तो विधायक बहस करने लगे और उनके बेटे को धक्का दिया। अध्यक्ष करनैल सिंह ने आगे कहा कि उनके क्षेत्र में ऐसे विधायक को कोई नहीं पूछता जो पैसे लेकर खुद को अध्यक्ष कहता हो। उन्होंने दोहराया कि विधायक ने उनसे 30 लाख रुपए लिए थे और उन्हें अध्यक्ष बनाया था। करनैल सिंह ने खुद को एक ईमानदार व्यक्ति बताया और कहा कि वह विधायक के लिए कोई गलत काम नहीं कर रहे हैं।


