गुजरात के राजकोट जिले के शॉपर वेरावल थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की जघन्य घटना को अंजाम देने के बाद फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने बक्सर से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को गुजरात पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। आरोपी घटना के बाद से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर था, लेकिन आखिरकार पुलिस की सतर्कता और अंतरराज्यीय समन्वय के चलते उसे धर दबोचा गया। घटना के बाद से फरार था आरोपी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में राजकोट के शॉपर वेरावल थाना क्षेत्र में चार वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी में समय लग रहा था। आरोपी की तलाश में बक्सर पहुंची गुजरात पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजकोट पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में राजकोट पुलिस के पदाधिकारी पी.एन. भरवाड़ और महेंद्र सिंह को सूचना मिली कि आरोपी बिहार के बक्सर जिले में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही दोनों पदाधिकारी बक्सर पहुंचे और स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा। नगर थाना बक्सर को पूरे मामले की जानकारी दी गई और आरोपी की पहचान तथा उसके संभावित ठिकानों को लेकर रणनीति बनाई गई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई छापेमारी गुजरात पुलिस ने बक्सर नगर थाना पुलिस के सहयोग से आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। छापेमारी के दौरान पुलिस को सफलता तब मिली, जब आरोपी अपने घर में सोता हुआ पाया गया। पुलिस को देखते ही आरोपी घबरा गया और मौके से फरार होने का प्रयास करने लगा, लेकिन पहले से सतर्क पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि गिरफ्तार आरोपी की पहचान धर्मेंद्र राम, पिता सिद्धू राम, निवासी सिंडिकेट (बक्सर) के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद से लगातार अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा और खुद को बचाने के लिए पहचान बदलने की भी कोशिश कर रहा था। हालांकि, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली। नगर थाना और गंगा पुल प्रभारी की अहम भूमिका इस पूरी कार्रवाई में नगर थाना बक्सर की भूमिका सराहनीय रही। विशेष रूप से गंगा पुल प्रभारी रोहित कुमार ने छापेमारी और गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय पुलिस की तत्परता और गुजरात पुलिस के साथ बेहतर समन्वय के कारण आरोपी को बिना किसी अप्रिय घटना के सुरक्षित रूप से हिरासत में लिया जा सका। कानूनी प्रक्रिया के बाद गुजरात ले जाया गया आरोपी गिरफ्तारी के बाद आरोपी से आवश्यक पूछताछ की गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद राजकोट पुलिस आरोपी को अपने साथ गुजरात ले गई, जहां आगे की न्यायिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा सके। गंभीर अपराधों में कोई रियायत नहीं: पुलिस इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को चाहे वे देश के किसी भी कोने में छिपे हों, पुलिस खोज निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय की मिसाल यह कार्रवाई अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय का एक बेहतर उदाहरण मानी जा रही है। गुजरात और बिहार पुलिस के बीच तालमेल के कारण ही एक साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के समन्वय से ही संगीन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इलाके में चर्चा और संतोष आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बक्सर में भी इस कार्रवाई की चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में अपराधियों की गिरफ्तारी से समाज में एक मजबूत संदेश जाता है कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है। वहीं गुजरात में भी पीड़ित परिवार और आम लोगों ने पुलिस की इस सफलता पर संतोष व्यक्त किया है। कुल मिलाकर, चार वर्षीय बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के आरोपी की गिरफ्तारी न केवल गुजरात पुलिस बल्कि पूरे सिस्टम के लिए एक अहम उपलब्धि है। यह संदेश साफ है कि चाहे आरोपी कितने भी समय तक फरार रहे, कानून के लंबे हाथ अंततः उसे पकड़ ही लेते हैं। गुजरात के राजकोट जिले के शॉपर वेरावल थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की जघन्य घटना को अंजाम देने के बाद फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने बक्सर से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को गुजरात पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। आरोपी घटना के बाद से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर था, लेकिन आखिरकार पुलिस की सतर्कता और अंतरराज्यीय समन्वय के चलते उसे धर दबोचा गया। घटना के बाद से फरार था आरोपी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में राजकोट के शॉपर वेरावल थाना क्षेत्र में चार वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी में समय लग रहा था। आरोपी की तलाश में बक्सर पहुंची गुजरात पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजकोट पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में राजकोट पुलिस के पदाधिकारी पी.एन. भरवाड़ और महेंद्र सिंह को सूचना मिली कि आरोपी बिहार के बक्सर जिले में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही दोनों पदाधिकारी बक्सर पहुंचे और स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा। नगर थाना बक्सर को पूरे मामले की जानकारी दी गई और आरोपी की पहचान तथा उसके संभावित ठिकानों को लेकर रणनीति बनाई गई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई छापेमारी गुजरात पुलिस ने बक्सर नगर थाना पुलिस के सहयोग से आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। छापेमारी के दौरान पुलिस को सफलता तब मिली, जब आरोपी अपने घर में सोता हुआ पाया गया। पुलिस को देखते ही आरोपी घबरा गया और मौके से फरार होने का प्रयास करने लगा, लेकिन पहले से सतर्क पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि गिरफ्तार आरोपी की पहचान धर्मेंद्र राम, पिता सिद्धू राम, निवासी सिंडिकेट (बक्सर) के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद से लगातार अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा और खुद को बचाने के लिए पहचान बदलने की भी कोशिश कर रहा था। हालांकि, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली। नगर थाना और गंगा पुल प्रभारी की अहम भूमिका इस पूरी कार्रवाई में नगर थाना बक्सर की भूमिका सराहनीय रही। विशेष रूप से गंगा पुल प्रभारी रोहित कुमार ने छापेमारी और गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय पुलिस की तत्परता और गुजरात पुलिस के साथ बेहतर समन्वय के कारण आरोपी को बिना किसी अप्रिय घटना के सुरक्षित रूप से हिरासत में लिया जा सका। कानूनी प्रक्रिया के बाद गुजरात ले जाया गया आरोपी गिरफ्तारी के बाद आरोपी से आवश्यक पूछताछ की गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद राजकोट पुलिस आरोपी को अपने साथ गुजरात ले गई, जहां आगे की न्यायिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा सके। गंभीर अपराधों में कोई रियायत नहीं: पुलिस इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को चाहे वे देश के किसी भी कोने में छिपे हों, पुलिस खोज निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय की मिसाल यह कार्रवाई अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय का एक बेहतर उदाहरण मानी जा रही है। गुजरात और बिहार पुलिस के बीच तालमेल के कारण ही एक साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के समन्वय से ही संगीन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इलाके में चर्चा और संतोष आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बक्सर में भी इस कार्रवाई की चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में अपराधियों की गिरफ्तारी से समाज में एक मजबूत संदेश जाता है कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है। वहीं गुजरात में भी पीड़ित परिवार और आम लोगों ने पुलिस की इस सफलता पर संतोष व्यक्त किया है। कुल मिलाकर, चार वर्षीय बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के आरोपी की गिरफ्तारी न केवल गुजरात पुलिस बल्कि पूरे सिस्टम के लिए एक अहम उपलब्धि है। यह संदेश साफ है कि चाहे आरोपी कितने भी समय तक फरार रहे, कानून के लंबे हाथ अंततः उसे पकड़ ही लेते हैं।


