सोना-चांदी की चमक के बाद अब ‘कॉपर’ की दमक, भीलवाड़ा में खपत तीन गुना बढ़ी

सोने और चांदी की कीमतों में आई रिकॉर्ड तेजी ने अब निवेशकों और व्यापारियों का रुख बदल दिया है। महंगी धातुओं से नजर हटाकर अब बाजार ‘कॉपर’ (तांबा) की ओर देख रहा है। हालात यह हैं कि कमोडिटी विशेषज्ञ इसे “अगला सिल्वर” मान रहे हैं। पिछले डेढ़ माह में कॉपर के दामों में 300 रुपए प्रति किलोग्राम की भारी उछाल दर्ज की है। टेक्सटाइल सिटी में इसका सीधा असर दिख रहा है। जिले में कॉपर की खपत 500 किलोग्राम से बढ़कर सीधे 1500 किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंच गई है। केवल निवेशक ही नहीं, बल्कि अब सोना-चांदी के पारंपरिक व्यापारी भी कॉपर के व्यापार में उतर आए हैं।

भावों में भारी उछाल: 1700 रुपए तक पहुंचा खुदरा भाव

बाजार में मांग और आपूर्ति के गणित ने कॉपर को ‘हॉट कमोडिटी’ बना दिया है। थोक भाव 1350 से 1410 रुपए प्रति किलोग्राम जबकि खुदरा भाव 1500 से 1700 रुपए प्रति किलोग्राम। खुदरा व्यापारी इसमें 10 से 15 प्रतिशत तक का मार्जिन रख रहे हैं।

क्यों बन रहा है कॉपर ‘नया सोना’

विशेषज्ञों के अनुसार केवल सट्टेबाजी नहीं, बल्कि ठोस औद्योगिक मांग कॉपर की कीमतों को सहारा दे रही है।

  • – ईवी क्रांति: एक इलेक्ट्रिक कार में सामान्य पेट्रोल कार की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक कॉपर लगता है। जैसे-जैसे ईवी का चलन बढ़ रहा है, कॉपर की मांग आसमान छू रही है।
  • – ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पावर ग्रिड के विस्तार में कॉपर रीढ़ की हड्डी बना हुआ है।
  • – एआई और डेटा सेंटर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर में भी कॉपर का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है।
  • – एमसीएक्स पर प्रदर्शन: साल 2025 में एमसीएक्स पर तांबे की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी देखी गई। इसने कई बड़े इक्विटी बेंचमार्क को भी पीछे छोड़ दिया है।

क्वालिटी का खेल

दिलचस्प बात यह है कि निवेश के लिए खरीदे जाने वाले कॉपर में भी सोने की तरह शुद्धता के पैमाने हैं। बाजार में 96, 98 और 100 प्रतिशत शुद्धता (कैरेट) का कॉपर उपलब्ध है, और इनके दाम भी इसी आधार पर तय होते हैं। 96 प्रतिशत शुद्धता के 1350 रुपए, 98 प्रतिशत शुद्धता के 1380 तथा 100 प्रतिशत शुद्धता वाले की कीमत 1410 रुपए किलो के भाव बोले जा रहे है। बाजार जानकारों का कहना है कि कॉपर में निवेश की संभावनाएं प्रबल हैं, लेकिन इसमें अस्थिरता भी हो सकती है। इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर ही कदम बढ़ाना चाहिए।

खरीदारी लगातार बढ़ रही

सोने-चांदी में आई जबरदस्त तेजी के बाद लोगों का रुझान अब कॉपर की ओर बढ़ा है। निवेशक इसे सुरक्षित और मुनाफे वाले विकल्प के रूप में देख रहे हैं। कई निवेशक 100 से 500 किलोग्राम तक कॉपर खरीद कर रख रहे हैं।

– गिरीराज लाहोटी, कॉपर व्यापारी

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