‘देश हिंदू राष्ट्र ही है, घोषित करने की जरूरत नहीं’:मुजफ्फरपुर में भागवत बोले- हिंदुओं को 3 बच्चे पैदा करने से किसने रोका है

‘देश हिंदू राष्ट्र ही है, घोषित करने की जरूरत नहीं’:मुजफ्फरपुर में भागवत बोले- हिंदुओं को 3 बच्चे पैदा करने से किसने रोका है

गणतंत्र दिवस के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत मुजफ्फरपुर में संघ के प्रांत कार्यालय में तिरंगा फहराएंगे। इससे पहले रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे भागवत ने एक रिसोर्ट में आयोजित ‘सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जनसंख्या, हिन्दू राष्ट्र, सामाजिक एकता और देश की वैश्विक भूमिका जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। भागवत ने कहा, ‘हिन्दू समाज को 3 बच्चे पैदा करने से किसी ने रोका तो नहीं है। सरकार भी 2-1 बच्चे पैदा करने को कहती है।’ उन्होंने कहा, ‘देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं है। यह हिन्दू राष्ट्र ही है। समाज में विविधता है, अलगाव नहीं है। अंग्रेजों ने अलगाव को चौड़ा कर शासन किया। उस अलगाव को दूर कर हिन्दू समाज को एकजुट करना है।’ भागवत ने कहा, ‘अपना देश आगे बढ़े, दुनिया का सिरमौर बने इसकी परिस्थिति भी बन रही है, लेकिन चुनौती भी कम नहीं है। कुछ देशों को भारत का आगे बढ़ना अच्छा नहीं लग रहा है, उन्हें अपनी दुकान बंद होने का खतरा दिख रहा है, जिससे वे आगे बढ़ने के रास्ते में बाधा खड़ी करने में लगे हुए हैं। डर दूर करने के लिए निर्भरता जरूरी भागवत ने आगे कहा कि डर को दूर करने के लिए परस्पर निर्भरता जरूरी है। निर्भरता से ही समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सद्भाव का होना बेहद आवश्यक है, क्योंकि सद्भाव के बिना लोग आपस में लड़कर नष्ट हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विदेशी शक्ति ने अपनी ताकत के बल पर भारत को पराधीन नहीं बनाया। विदेशी शक्तियों ने हमारी आपसी फूट का फायदा उठाकर विजय हासिल की। भागवत ने कहा कि केवल समस्याओं को गिनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समाधान भी बताने चाहिए। आज देश सज्जन शक्ति के भरोसे आगे बढ़ रहा है। सज्जन लोग अपने-अपने स्तर पर समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस प्रयास को समाज के निचले स्तर तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि केवल संपन्न लोग ही समाज की सेवा करें। जिनके मन में सद्भाव होता है, वही पीड़ितों और अभावग्रस्तों की सच्ची सेवा कर सकते हैं। समाज के सभी वर्गों को मिलकर जरूरतमंद, पीड़ित और अभावग्रस्त लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए प्रांत कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में झंडा फहराएंगे भागवत आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत मुजफ्फरपुर के कलमबाग चौक स्थित उत्तर बिहार प्रांत कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में झंडोत्तोलन करेंगे। यह पहला मौका है, जब संघ के किसी सरसंघचालक द्वारा गणतंत्र दिवस के दिन मुजफ्फरपुर स्थित कार्यालय परिसर में तिरंगा फहराया जाएगा। ध्वजारोहण के बाद मोहन भागवत संघ के प्रखंड स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस सांगठनिक बैठक में संघ के विस्तार, आगामी योजनाओं और वर्तमान सामाजिक चुनौतियों को लेकर मंथन होने की संभावना है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मोहन भागवत के ‘जेड प्लस’ (Z+) सुरक्षा श्रेणी में होने के चलते जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है। कलमबाग चौक से लेकर गरहां तक कड़े सुरक्षा घेरे बनाए गए हैं। पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बिना पहचान पत्र के किसी भी बाहरी व्यक्ति का कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। गणतंत्र दिवस के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत मुजफ्फरपुर में संघ के प्रांत कार्यालय में तिरंगा फहराएंगे। इससे पहले रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे भागवत ने एक रिसोर्ट में आयोजित ‘सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जनसंख्या, हिन्दू राष्ट्र, सामाजिक एकता और देश की वैश्विक भूमिका जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। भागवत ने कहा, ‘हिन्दू समाज को 3 बच्चे पैदा करने से किसी ने रोका तो नहीं है। सरकार भी 2-1 बच्चे पैदा करने को कहती है।’ उन्होंने कहा, ‘देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं है। यह हिन्दू राष्ट्र ही है। समाज में विविधता है, अलगाव नहीं है। अंग्रेजों ने अलगाव को चौड़ा कर शासन किया। उस अलगाव को दूर कर हिन्दू समाज को एकजुट करना है।’ भागवत ने कहा, ‘अपना देश आगे बढ़े, दुनिया का सिरमौर बने इसकी परिस्थिति भी बन रही है, लेकिन चुनौती भी कम नहीं है। कुछ देशों को भारत का आगे बढ़ना अच्छा नहीं लग रहा है, उन्हें अपनी दुकान बंद होने का खतरा दिख रहा है, जिससे वे आगे बढ़ने के रास्ते में बाधा खड़ी करने में लगे हुए हैं। डर दूर करने के लिए निर्भरता जरूरी भागवत ने आगे कहा कि डर को दूर करने के लिए परस्पर निर्भरता जरूरी है। निर्भरता से ही समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सद्भाव का होना बेहद आवश्यक है, क्योंकि सद्भाव के बिना लोग आपस में लड़कर नष्ट हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विदेशी शक्ति ने अपनी ताकत के बल पर भारत को पराधीन नहीं बनाया। विदेशी शक्तियों ने हमारी आपसी फूट का फायदा उठाकर विजय हासिल की। भागवत ने कहा कि केवल समस्याओं को गिनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समाधान भी बताने चाहिए। आज देश सज्जन शक्ति के भरोसे आगे बढ़ रहा है। सज्जन लोग अपने-अपने स्तर पर समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस प्रयास को समाज के निचले स्तर तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि केवल संपन्न लोग ही समाज की सेवा करें। जिनके मन में सद्भाव होता है, वही पीड़ितों और अभावग्रस्तों की सच्ची सेवा कर सकते हैं। समाज के सभी वर्गों को मिलकर जरूरतमंद, पीड़ित और अभावग्रस्त लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए प्रांत कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में झंडा फहराएंगे भागवत आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत मुजफ्फरपुर के कलमबाग चौक स्थित उत्तर बिहार प्रांत कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में झंडोत्तोलन करेंगे। यह पहला मौका है, जब संघ के किसी सरसंघचालक द्वारा गणतंत्र दिवस के दिन मुजफ्फरपुर स्थित कार्यालय परिसर में तिरंगा फहराया जाएगा। ध्वजारोहण के बाद मोहन भागवत संघ के प्रखंड स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस सांगठनिक बैठक में संघ के विस्तार, आगामी योजनाओं और वर्तमान सामाजिक चुनौतियों को लेकर मंथन होने की संभावना है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मोहन भागवत के ‘जेड प्लस’ (Z+) सुरक्षा श्रेणी में होने के चलते जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है। कलमबाग चौक से लेकर गरहां तक कड़े सुरक्षा घेरे बनाए गए हैं। पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बिना पहचान पत्र के किसी भी बाहरी व्यक्ति का कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।  

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