MP News: केंद्र सरकार ने आइएएस (IAS), आइपीएस (IPS) और आइएफएस की अखिल भारतीय सेवाओं (AIS) के लिए नई कैडर आवंटन नीति लागू (New Cadre Policy) कर दी है। इसके तहत अब कैडर आवंटन के लिए मौजूदा पांच जोनल सिस्टम को समाप्त कर चार ग्रुप सिस्टम लागू किया गया है। नई व्यवस्था का सीधा असर राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के सभी राज्यों के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे पर पड़ेगा।
दरअसल, वर्ष 2017 में लागू जोनल कैडर सिस्टम (Zonal Cadre System) के चलते कुछ राज्यों में अधिकारियों की असमान उपलब्धता सामने आई थी। कई राज्यों में अफसरों की कमी तो कुछ में अधिकता की स्थिति बनी। इसे संतुलित करने के लिए केंद्र सरकार ने अब अल्फाबेटिकल क्रम के आधार पर चार ग्रुप बनाए है। अब एआइएस में चयनित उम्मीदवार कैडर के लिए इन्हीं चार गुप्स में से अपनी प्राथमिकताएं भरेंगे। समय पर वैकेंसी भरने के लिए राज्य सरकारों को हर साल 31 दिसंबर तक अपनी कैडर आवश्यकता केंद्र सरकार को भेजना अनिवार्य होगा।
भौगोलिक पट्टी एक, लेकिन प्रशासनिक समूह अलग-अलग
नई व्यवस्था में सबसे दिलचस्प तस्वीर राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की है। भौगोलिक रूप से एक ही पट्टी में होने के बावजूद अब ये तीनों राज्य अलग-अलग प्रशासनिक ग्रुप में रखे गए हैं।
इस लिए हो रहे बदलाव
- प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना
- राज्यों में अधिकारियों का समान वितरण
- पारदर्शिता और संतुलन बढ़ाना
- युवा अधिकारियों को अंतर-राज्यीय अनुभव देना
- एआइएस की मूल भावना के अनुरूप राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना
इसलिए बनाए नए कैडर ग्रुप्स
ग्रुप-1: आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, मिजोरम बिहार, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, गोवा
ग्रुप-2: गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल और मध्यप्रदेश
ग्रुप-3: महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम व तमिलनाडु
ग्रुप-4: तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल
प्रदर्शन की कसौटी
मध्यप्रदेश को गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक और केरल जैसे अपेक्षाकृत बेहतर प्रशासनिक ढांचे वाले राज्यों के साथ ग्रुप-2 में रखा गया है।
संभावना: मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में दक्षता, निरंतरता और परिणाम-आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
चुनौती: राज्य का प्रदर्शन अब राष्ट्रीय मानकों पर सीधे तौला जाएगा। प्रशासनिक स्थिरता के अवसर के साथ-साथ दबाव भी बनेगा।
नीतिः आउटसाइडर उम्मीदवारों का आवंटन रोस्टर प्रणाली से दो चरणों में होगा। पहले चरण में दिव्यांग उम्मीदवारों व दूसरे चरण में अन्य उम्मीदवारों का। इनसाइडर उम्मीदवारों (गृह राज्य कैडर चुनने वाले) का आवंटन रिक्तियों व मेरिट से होगा। (MP News)


