लखनऊ में उत्तराखण्डी कौथिग का आयोजन:लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन

लखनऊ में उत्तराखण्डी कौथिग का आयोजन:लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन

बीरबल साहनी मार्ग स्थित पंडित गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन रविवार को उत्तराखंडी लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा। उत्तराखंड से आए ओहो रेडियो के संस्थापक एवं सीईओ कविंद्र सिंह मेहता उर्फ आरजे काव्य की दमदार आवाज ने जैसे ही मंच संभाला, कौथिग परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। श्रोताओं से खचाखच भरा पंडाल हर प्रस्तुति पर उत्साह से झूमता नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत लोकधुनों और पहाड़ी संवेदनाओं से भरे गीतों से हुई। कलाकार डॉ. अजय ढौंडियाल और दीवान कनवाल ने शेरदा अनपढ़ के प्रसिद्ध गीत ‘द्वी दिना ड्यार शेरूवा यो दुनि में’ और ‘हम पहाड़ा का पंक्षी…’ को युगल स्वर में प्रस्तुत कर माहौल बांध दिया। श्रोताओं की तालियों और जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला में एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड के बाल कलाकारों ने कोरियोग्राफर ध्रुव शुक्ला के निर्देशन में रामकृष्ण स्तुति पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। झोड़ा प्रतियोगिता, छपेली नृत्य और ‘झूमिगो सीजन-4’ में पहाड़ी धुनों पर देसी ठुमकों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। रेनू कांडपाल, हरितिमा पंत, नीलम जोशी, भगवती पांगती, सुनीता रामलीला समिति और मोहिनी धपोला सहित कई संस्थाओं की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। उत्तराखंडी लोकगाथा पर आधारित नृत्य नाटिका ‘आचरी’ को पिंकी नौटियाल के नेतृत्व में मंचित किया गया, जिसने लोककथाओं की गहराई को जीवंत कर दिया। मीडिया प्रभारी भुवन पाण्डेय ने बताया कि रविवार होने के कारण दिनभर दर्शकों की भारी भीड़ रही। स्टॉलों पर उमड़ी भीड़ और अच्छी बिक्री से स्टॉलधारकों में भी उत्साह दिखा। ये लोग शामिल हुए युवा प्रकोष्ठ द्वारा दिए जाने वाले सम्मान के अंतर्गत मिस उत्तरायणी जाह्नवी को दीपिका तिवारी एवं जानकी नयाल द्वारा तथा मिस्टर उत्तरायणी निलय बोरा को तारादत्त कांडपाल एवं प्रेम सिंह फरुवाण द्वारा सम्मानित किया गया।कौथिग के आयोजन में के.एन पांडेय, देवेंद्र मिश्रा, हरीश कांडपाल, बसंत भट्ट, शंकर पांडे, चंचल सिंह बोरा, पी.सी. पंत, लक्ष्मण सिंह धामी, कैलाश, भीम सिंह मेहता, केएन पाठक, भुवन पांडेय, आनंद भंडारी, जितेंद्र उपाध्याय, लक्ष्मण सिंह भंडारी, कमल नेगी, के.सी पंत, के.डी पांडेय, गोपाल सिंह गैलाकोटी सहित अनेक लोगों ने सहयोग किया।

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