खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई डीआईयू खगड़िया और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मुरादपुर/माधवपुर दियारा इलाके में की। पुलिस अधीक्षक खगड़िया के निर्देश पर अवैध विस्फोटक प्रज्वलन के निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सफलता मिली। पुलिस ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर की छापेमारी गोगरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) साक्षी कुमारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लगातार मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर परबत्ता थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई थी। पुलिस ने एक ठिकाने से अवैध हथियार निर्माण में संलिप्त आरोपियों को पकड़ा। मौके से दो देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, अर्द्धनिर्मित देसी पिस्टल और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए। इनमें लोहे के सांचे, ड्रिल मशीन, कटिंग उपकरण, स्प्रिंग, प्लेट और अन्य पार्ट्स शामिल हैं। डीएसपी साक्षी कुमारी ने बताया कि बरामद सामग्री से स्पष्ट होता है कि यह कोई सामान्य गतिविधि नहीं थी, बल्कि संगठित तरीके से अवैध हथियार तैयार कर उनकी आपूर्ति की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, यह एक सक्रिय नेटवर्क था जो लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल था। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान गोविन्द उर्फ कबीर (लगभग 40 वर्ष), मो. सदीक उर्फ साथी (लगभग 45 वर्ष) और लड्डू मंडल उर्फ देवी मंडल (लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों मुंगेर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। इस संबंध में परबत्ता थाना कांड संख्या 25/26 के तहत आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि तैयार हथियार किन-किन इलाकों में सप्लाई किए जा रहे थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस सफल कार्रवाई को परबत्ता थाना पुलिस के साथ पुलिस अवर निरीक्षक दिवाकर कुमार, सुशील कुमार पांडेय एवं वीरेंद्र सिंह ने डीआईयू और एसटीएफ टीम के सहयोग से अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई को जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है और आगे भी इस तरह के अभियान जारी रखने की बात कही है। खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई डीआईयू खगड़िया और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मुरादपुर/माधवपुर दियारा इलाके में की। पुलिस अधीक्षक खगड़िया के निर्देश पर अवैध विस्फोटक प्रज्वलन के निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सफलता मिली। पुलिस ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर की छापेमारी गोगरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) साक्षी कुमारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लगातार मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर परबत्ता थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई थी। पुलिस ने एक ठिकाने से अवैध हथियार निर्माण में संलिप्त आरोपियों को पकड़ा। मौके से दो देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, अर्द्धनिर्मित देसी पिस्टल और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए। इनमें लोहे के सांचे, ड्रिल मशीन, कटिंग उपकरण, स्प्रिंग, प्लेट और अन्य पार्ट्स शामिल हैं। डीएसपी साक्षी कुमारी ने बताया कि बरामद सामग्री से स्पष्ट होता है कि यह कोई सामान्य गतिविधि नहीं थी, बल्कि संगठित तरीके से अवैध हथियार तैयार कर उनकी आपूर्ति की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, यह एक सक्रिय नेटवर्क था जो लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल था। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान गोविन्द उर्फ कबीर (लगभग 40 वर्ष), मो. सदीक उर्फ साथी (लगभग 45 वर्ष) और लड्डू मंडल उर्फ देवी मंडल (लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों मुंगेर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। इस संबंध में परबत्ता थाना कांड संख्या 25/26 के तहत आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि तैयार हथियार किन-किन इलाकों में सप्लाई किए जा रहे थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस सफल कार्रवाई को परबत्ता थाना पुलिस के साथ पुलिस अवर निरीक्षक दिवाकर कुमार, सुशील कुमार पांडेय एवं वीरेंद्र सिंह ने डीआईयू और एसटीएफ टीम के सहयोग से अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई को जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है और आगे भी इस तरह के अभियान जारी रखने की बात कही है।


