शिवपुरी जिले की जनपद पंचायत नरवर की ग्राम पंचायत सुनारी में पदस्थ सचिव पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच श्रीनिवास रावत ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पहले से बनी सड़क पर दोबारा भुगतान निकालने का आरोप पूर्व सरपंच का आरोप है कि उनके कार्यकाल में सैतान कुशवाह के मकान से लालाराम योगी के मकान तक सीसी सड़क पहले से बनी हुई थी। इसके बावजूद सचिव ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसी सड़क पर दो इंच सीसी बताकर आठ इंच सीसी का भुगतान निकाल लिया। इससे पंचायत को आर्थिक नुकसान हुआ और सरकारी राशि का गलत उपयोग किया गया। स्कूल भवन की कीमती सामग्री हटाने का मामला शिकायत में बताया गया है कि ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय का लगभग 50 वर्ष पुराना भवन हाल ही में तोड़ा गया था। इस भवन में लगी लाखों रुपये की पत्थर की पट्टियां और अन्य निर्माण सामग्री को सचिव ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर स्कूल परिसर से हटवा दिया, जबकि यह सामग्री शिक्षा विभाग को दी जानी थी। पुलिया निर्माण में घटिया काम और फर्जी भुगतान पूर्व सरपंच ने आरोप लगाया कि पहलवान कुशवाह के खेत के पास बनी पुलिया सह रपटा में घटिया निर्माण किया गया। नींव में मिट्टी और कच्चे पत्थर डाले गए और कमजोर सीसी की गई। छोटे पाइप लगाए गए, लेकिन भुगतान बड़े पाइपों का दिखाया गया। पुलिया को मुख्य मार्ग से नहीं जोड़ा गया, जिससे बारिश में खेतों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम के नाम पर फर्जी बिल लगाकर तीन वाहनों का किराया और भोजन सामग्री के नाम पर हजारों रुपये निकाले गए। इसके अलावा सफाई कार्य के नाम पर भी फर्जी वाउचर लगाए गए। कथित तौर पर सरपंच के पुत्र के नाम से भी फर्जी बिल तैयार किए गए। एफआईआर दर्ज करने की मांग पूर्व सरपंच श्रीनिवास रावत का कहना है कि पंचायत का संचालन सचिव स्वयं कर रहा है और लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।


