बेगूसराय में माघ सप्तमी पर उमड़ी भीड़:सिमरिया घाट पर आस्था का सैलाब, स्नान और पूजा-अर्चना के लिए नेपाल से भी पहुंचे श्रद्धालु

बेगूसराय में माघ सप्तमी पर उमड़ी भीड़:सिमरिया घाट पर आस्था का सैलाब, स्नान और पूजा-अर्चना के लिए नेपाल से भी पहुंचे श्रद्धालु

बेगूसराय के पवित्र गंगा घाटों पर अचला सप्तमी और रथ सप्तमी के नाम से प्रसिद्ध माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। जिले के प्रसिद्ध सिमरिया गंगा धाम और झमटिया घाट सहित सभी जगहों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। श्रद्धालु गंगा की पवित्र लहरों में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दे रहे हैं, सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। इस अवसर पर सिमरिया धाम में बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हो। अनिल कुमार और जाटो सहित सभी गोताखोर तत्पर रहकर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकते रहे। पुलिस की टीम भी सभी जगह लगातार गश्त करते रही। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ में गंगा स्नान का विशेष महत्व है और माघ सप्तमी को यह महत्व बढ़ जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है। पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि सप्तमी के दिन सूर्य देव की विशेष कृपा भक्तों पर होती है, इसलिए इस दिन सूर्योपासना और गंगा स्नान का संयोग अत्यंत फलदायी माना गया है। जिससे भीड़ जुटती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि माघ मास के दौरान हर दिन गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन माघ सप्तमी को भीड़ कई गुना अधिक हो जाती है। कुल मिलाकर माघ सप्तमी के अवसर पर बेगूसराय के गंगा घाटों पर आस्था, परंपरा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। बेगूसराय के पवित्र गंगा घाटों पर अचला सप्तमी और रथ सप्तमी के नाम से प्रसिद्ध माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। जिले के प्रसिद्ध सिमरिया गंगा धाम और झमटिया घाट सहित सभी जगहों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। श्रद्धालु गंगा की पवित्र लहरों में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दे रहे हैं, सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। इस अवसर पर सिमरिया धाम में बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हो। अनिल कुमार और जाटो सहित सभी गोताखोर तत्पर रहकर श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकते रहे। पुलिस की टीम भी सभी जगह लगातार गश्त करते रही। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ में गंगा स्नान का विशेष महत्व है और माघ सप्तमी को यह महत्व बढ़ जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है। पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि सप्तमी के दिन सूर्य देव की विशेष कृपा भक्तों पर होती है, इसलिए इस दिन सूर्योपासना और गंगा स्नान का संयोग अत्यंत फलदायी माना गया है। जिससे भीड़ जुटती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि माघ मास के दौरान हर दिन गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन माघ सप्तमी को भीड़ कई गुना अधिक हो जाती है। कुल मिलाकर माघ सप्तमी के अवसर पर बेगूसराय के गंगा घाटों पर आस्था, परंपरा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *