भाजपा नेता प्रदीप राय पर भूमि धोखाधड़ी का आरोप:बक्सर में माले नेता अजीत कुशवाहा ने किया प्रेस कांफ्रेंस, पीड़ितों के आरोपों को किया सार्वजनिक

भाजपा नेता प्रदीप राय पर भूमि धोखाधड़ी का आरोप:बक्सर में माले नेता अजीत कुशवाहा ने किया प्रेस कांफ्रेंस, पीड़ितों के आरोपों को किया सार्वजनिक

बक्सर जिले के ज्योति चौक पर शनिवार शाम माले के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने जमीन विवाद से जुड़े कई पीड़ितों के आरोपों को सार्वजनिक किया। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, समाजसेवी रामजी सिंह और किसान नेता रामप्रवेश यादव भी मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच पीड़ित अपने जमीन के दस्तावेज लेकर पहुंचे और बक्सर के व्यवसायी व भाजपा नेता प्रदीप राय पर धोखाधड़ी और जबरन कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए। अवैध घोषित होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी पीड़ित सुदामा उपाध्याय ने बताया कि बक्सर सिविल कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को उनकी जमीन पर प्रदीप राय के कब्जे को अवैध घोषित किया था, लेकिन इसके बावजूद वहां निर्माण कार्य जारी है। वहीं, सोहनी पट्टी निवासी राजन उपाध्याय ने आरोप लगाया कि प्रदीप राय ने उनकी 17 कट्ठा जमीन को अपने स्कूल परिसर में घेर लिया है, जबकि जमीन की रसीद आज भी उनके नाम से कट रही है। 2 कट्ठा जमीन को घेरा एलबीटी कॉलेज के सेवानिवृत्त गणित प्रोफेसर परशुराम पाण्डेय ने आरोप लगाया कि अहिरौली में उनकी 7 कट्ठा जमीन पर कब्जा करने से उन्हें प्रदीप राय के लोगों द्वारा रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे सेना में हैं, फिर भी उन्हें न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। ब्रह्मपुर निवासी आर्मी जवान कृष्णा दत्त पाठक ने कहा कि बक्सर लख के पास उनकी दो कट्ठा जमीन को आगे से घेर लिया गया है और रास्ता देने के बदले पूरी जमीन की कीमत मांगी जा रही है। फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन बेचने का आरोप सुमेश्वर स्थान निवासी बबन पाल ने प्रदीप राय पर फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन बेच देने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि वे जनता के वकील के रूप में पीड़ितों की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदीप राय ने उन पर भी व्यक्तिगत आरोप लगाए हैं, लेकिन ‘सांच को आंच नहीं होती।’ डॉ. कुशवाहा ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने पीड़ितों को न्याय नहीं दिलाया तो वे सभी पीड़ितों को मुख्यमंत्री के दरबार तक लेकर जाएंगे और सड़क पर आंदोलन किया जाएगा। बक्सर जिले के ज्योति चौक पर शनिवार शाम माले के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने जमीन विवाद से जुड़े कई पीड़ितों के आरोपों को सार्वजनिक किया। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, समाजसेवी रामजी सिंह और किसान नेता रामप्रवेश यादव भी मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच पीड़ित अपने जमीन के दस्तावेज लेकर पहुंचे और बक्सर के व्यवसायी व भाजपा नेता प्रदीप राय पर धोखाधड़ी और जबरन कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए। अवैध घोषित होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी पीड़ित सुदामा उपाध्याय ने बताया कि बक्सर सिविल कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को उनकी जमीन पर प्रदीप राय के कब्जे को अवैध घोषित किया था, लेकिन इसके बावजूद वहां निर्माण कार्य जारी है। वहीं, सोहनी पट्टी निवासी राजन उपाध्याय ने आरोप लगाया कि प्रदीप राय ने उनकी 17 कट्ठा जमीन को अपने स्कूल परिसर में घेर लिया है, जबकि जमीन की रसीद आज भी उनके नाम से कट रही है। 2 कट्ठा जमीन को घेरा एलबीटी कॉलेज के सेवानिवृत्त गणित प्रोफेसर परशुराम पाण्डेय ने आरोप लगाया कि अहिरौली में उनकी 7 कट्ठा जमीन पर कब्जा करने से उन्हें प्रदीप राय के लोगों द्वारा रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे सेना में हैं, फिर भी उन्हें न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। ब्रह्मपुर निवासी आर्मी जवान कृष्णा दत्त पाठक ने कहा कि बक्सर लख के पास उनकी दो कट्ठा जमीन को आगे से घेर लिया गया है और रास्ता देने के बदले पूरी जमीन की कीमत मांगी जा रही है। फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन बेचने का आरोप सुमेश्वर स्थान निवासी बबन पाल ने प्रदीप राय पर फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन बेच देने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि वे जनता के वकील के रूप में पीड़ितों की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदीप राय ने उन पर भी व्यक्तिगत आरोप लगाए हैं, लेकिन ‘सांच को आंच नहीं होती।’ डॉ. कुशवाहा ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने पीड़ितों को न्याय नहीं दिलाया तो वे सभी पीड़ितों को मुख्यमंत्री के दरबार तक लेकर जाएंगे और सड़क पर आंदोलन किया जाएगा।  

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