स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के लिए पटना नगर निगम पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। मार्च में सर्वे के लिए केंद्रीय टीम पटना आएगी। यह सर्वे देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय करेगी। इस क्रम में पटना नगर निगम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पटना नगर निगम ने डेस्कटॉप असेसमेंट में फाइव स्टार रेटिंग के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब अगला चरण फील्ड असेसमेंट का होगा। डेस्कटॉप असेसमेंट नगर निगम के स्वयं किए गए कार्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर होता है। इसके बाद फील्ड में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की वास्तविक स्थिति के आधार पर रैंकिंग दी जाती है। रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष विशेष नजर फील्ड असेसमेंट के दौरान रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष अंक कटते हैं। इसे देखते हुए पटना नगर निगम ने सख्ती बढ़ाई है। खुले में शौच करने, गंदगी फैलाने और पान-तंबाकू थूकने वालों पर 500 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ऐसे लोगों को ‘नगर शत्रु’ की श्रेणी में रखा गया है। आईसीसीसी और निगम की टीमें प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में डालने का निर्देश नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई निर्देश दिए हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन घर-घर कचरा उठाव का निर्देश दिया गया है। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में एकत्र किया जा रहा है। पिछले सर्वेक्षण में इसी पॉइंट पर अंक कटे थे, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष तैयारी की गई है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए हर वार्ड में नगर मित्र के चयन की प्रक्रिया चल रही है। दीवारों पर पेंटिंग, डिवाइडर का रंग-रोगन कराया जा रहा दीवारों पर पेंटिंग, सड़कों की सफाई, डिवाइडर का रंग-रोगन और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। सभी अंचलों में व्यापक सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। नालों और बैकलेन की सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही कचरा पॉइंट को खत्म किया जा रहा है और अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसे घूमने योग्य स्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है। पटना को पिछले साल मिला था 21वां स्थान इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल–बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखी गई है। कुल 12,500 अंकों के आधार पर रैंकिंग तय होगी। साल 2024-25 में पटना को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 21वां स्थान मिला था, वहीं गार्बेज फ्री सिटी में तीन स्टार की रेटिंग प्राप्त हुई थी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के लिए पटना नगर निगम पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। मार्च में सर्वे के लिए केंद्रीय टीम पटना आएगी। यह सर्वे देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय करेगी। इस क्रम में पटना नगर निगम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पटना नगर निगम ने डेस्कटॉप असेसमेंट में फाइव स्टार रेटिंग के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब अगला चरण फील्ड असेसमेंट का होगा। डेस्कटॉप असेसमेंट नगर निगम के स्वयं किए गए कार्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर होता है। इसके बाद फील्ड में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की वास्तविक स्थिति के आधार पर रैंकिंग दी जाती है। रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष विशेष नजर फील्ड असेसमेंट के दौरान रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष अंक कटते हैं। इसे देखते हुए पटना नगर निगम ने सख्ती बढ़ाई है। खुले में शौच करने, गंदगी फैलाने और पान-तंबाकू थूकने वालों पर 500 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ऐसे लोगों को ‘नगर शत्रु’ की श्रेणी में रखा गया है। आईसीसीसी और निगम की टीमें प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में डालने का निर्देश नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई निर्देश दिए हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन घर-घर कचरा उठाव का निर्देश दिया गया है। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में एकत्र किया जा रहा है। पिछले सर्वेक्षण में इसी पॉइंट पर अंक कटे थे, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष तैयारी की गई है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए हर वार्ड में नगर मित्र के चयन की प्रक्रिया चल रही है। दीवारों पर पेंटिंग, डिवाइडर का रंग-रोगन कराया जा रहा दीवारों पर पेंटिंग, सड़कों की सफाई, डिवाइडर का रंग-रोगन और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। सभी अंचलों में व्यापक सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। नालों और बैकलेन की सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही कचरा पॉइंट को खत्म किया जा रहा है और अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसे घूमने योग्य स्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है। पटना को पिछले साल मिला था 21वां स्थान इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल–बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखी गई है। कुल 12,500 अंकों के आधार पर रैंकिंग तय होगी। साल 2024-25 में पटना को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 21वां स्थान मिला था, वहीं गार्बेज फ्री सिटी में तीन स्टार की रेटिंग प्राप्त हुई थी।


