ये तस्वीर भोपाल के ‘संध्या छाया’ की है। यह प्रदेश का सबसे लग्जरी वृद्धाश्रम है। लिंक रोड-1 स्थित प्रोफेसर कॉलोनी में पांच एकड़ में फैला यह परिसर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस पर करीब 24 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस वृद्धाश्रम का संचालन फिलहाल 2 साल तक सेवा भारती करेगी। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट कॉलोनाइजर यदि कॉलोनी में वृद्धाश्रम बनाते हैं तो सरकार सहयोग करेगी। दंपती ने कहा- सबसे अच्छा अहसास यह कि हम किसी पर बोझ नहीं हैं समय बदल रहा है और बुजुर्गों के जीवन जीने का तरीका भी बदलना चाहिए। “बच्चे बुढ़ापे की लाठी हैं” वाली सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है। आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से सक्षम बुजुर्ग चाहें तो सुरक्षित और सुविधाजनक वृद्धाश्रम में भी पूरी स्वतंत्रता के साथ जीवन जी सकते हैं। यही सोच हमें ‘संध्या छाया’ तक लेकर आई। यह कहना है राजेश नांदेड़कर और उनकी पत्नी राजश्री नांदेड़कर का। राजेश भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से रिटायर हुए हैं। वे यहां रहने आने वाले पहले दंपती हैं। उन्होंने कहा- हमारी 2 बेटियां भोपाल में रहती हैं। वो चाहती थीं कि हम उनके साथ रहें, पर हमने खुद को स्वतंत्र रखने का फैसला किया, ताकि बच्चे भी अपने परिवार व करियर पर ध्यान दे सकें। यहां हमने डबल-बेड रूम लिया है। कुछ लोग इसे महंगा कहते हैं, लेकिन बुजुर्गों के लिए सिर्फ एक फ्लैट काफी नहीं होता। गैस, प्लंबर, डॉक्टर और सुरक्षा जैसी जरूरतें हर रोज सामने आती हैं। यहां सब कुछ एक ही छत के नीचे है। सबसे अच्छा अहसास यह है कि हम किसी पर बोझ नहीं हैं। बुजुर्गों की हर सेवा का रखा ख्याल


