मप्र में महिलाएं ड्रग ट्रैफिकिंग (मादक पदार्थों की तस्करी) का नया चेहरा बन रही हैं। कुछ साल पहले तक ड्रग ट्रेड में महिलाएं ज्यादातर कुरियर की भूमिका में ही थी, लेकिन अब वे फ्रंट लाइन पर हैं। सप्लाई से लेकर डिलीवरी का पूरा नेटवर्क और गैंग संभाल रही हैं। 2 साल में ही ऐसी 30 महिला तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। 5 साल में भोपाल क्राइम ब्रांच ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में 300 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें 43 महिला तस्कर हैं। रिकॉर्ड के अनुसार इस अवैध कारोबार में 18% महिलाएं हैं। यह तस्करों की नई रणनीति है। वर्ष 2021 में मादक पदार्थों की तस्करी के कुल 40 आरोपी गिरफ्तार हुए थे। इनमें सिर्फ 2 महिलाएं थीं। लेकिन 2022 में जो 37 आरोपी गिरफ्तार हुए, उनमें 9 महिलाएं शामिल रहीं। तब महिलाओं की भागीदारी 1 साल में 5% से बढ़कर 24% तक पहुंच गई। महिला तस्करों की बढ़ती गिरफ्तारी के बावजूद 5 ऐसी बड़ी तस्कर हैं जो फरार हैं। इनमें से कोमल देवी(22) और राजकुमारी (50) तो 10-10 साल से वांटेड हैं। कामिनी कुचबंदिया 4 साल से, रुखसाना 3 साल से और मुस्कान 7 साल से फरार हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक इसी साल से तस्कर गिरोहों ने महिलाओं को कुरियर और सप्लाई चेन में शामिल करना शुरू किया। 2023 में महिलाओं की गिरफ्तारी कम हुई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान तस्करों ने नए रूट और नए चेहरे तैयार किए। रणनीति ऐसी… पुरुषों की गिरफ्तारी के बाद भी कारोबार चलता रहे ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से आता है मप्र में गांजा रुट 1 : ओडिशा से आने वाला गांजा रायपुर होते हुए भोपाल- इंदौर जाता है। रुट -2 : बस्तर से महाराष्ट्र बॉर्डर होते हुए एमपी में प्रवेश करता है। रुट -3 : विशाखा पट्टनम से आने वाला गांजा नागपुर से भोपाल आता है। … महिलाएं इसलिए आगे ये चारों तस्करी में लीडर के रोल में … कई केस दर्ज, अभी जमानत पर बाहर हैं कामना यादव बैतूल निवासी कामना उर्फ खुशी (22) को क्राइम ब्रांच ने पिछले साल गांजा तस्करी में गिरफ्तार किया। लंबे समय से टीम के साथ सप्लाई व डिलीवरी के साथ नेटवर्क के जमीनी स्तर पर संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही थी। रिया कुचबंदिया नारियलखेड़ा भोपाल की रिया (24) के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के कई केस दर्ज हैं। उसकी गैंग में फुलोबाई कुचबंदिया, नीतू कुचबंदिया, सीमा कुचबंदिया, कविता कुचबंदिया, रानी आदि कई लोग शामिल हैं। रजनी सिंह
भोपाल निवासी रजनी लंबे समय से सप्लाई चेन व संपर्क नेटवर्क को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा रही थी। 2022 व 2024 में मामला दर्ज। सलमान, मोहम्मद कामिल तथा स्नेहा रावत इसकी मदद करते थे। स्नेहा रावत उर्फ साजिया
शाहपुरा भोपाल निवासी स्नेहा रावत उर्फ साजिया खान (29) भव्य जीवनशैली के कारण संदेह से बाहर रहती थी। वह सलमान, मोहम्मद कामिल एवं रजनी सिंह के साथ मिलकर तस्करी को संचालित करती थी। ^मादक पदार्थ की तस्करी में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। क्योंकि उन पर शक नहीं होता है। इसलिए तस्कर भी उन्हें आगे कर रहे हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। – हरिनारायणचारी मिश्रा, पुलिस कमिश्नर, भोपाल


