जमालपुर में रेल इंजन पर सवार हुईं मां सरस्वती:जूनियर इंजीनियर ने बनाई प्रतिमा, देखने उमड़ी लोगों की भीड़

जमालपुर में रेल इंजन पर सवार हुईं मां सरस्वती:जूनियर इंजीनियर ने बनाई प्रतिमा, देखने उमड़ी लोगों की भीड़

जमालपुर में एक जूनियर इंजीनियर ने विद्या की देवी मां सरस्वती की एक अनूठी प्रतिमा बनाई है। यह प्रतिमा एक रेल इंजन पर सवार है, जिसे जमालपुर के एक रेलवे क्वार्टर में स्थापित किया गया है। इस आकर्षक प्रतिमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। यह प्रतिमा जमालपुर रेल इंजन कारखाना के जूनियर इंजीनियर कुंदन कुमार दास (पावर हाउस एसएससी) और उनके भाई ने मिलकर बनाई है। मूर्ति के निर्माण में नई तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे इसे एक विशिष्ट आकार दिया गया है। कुंदन कुमार दास ने बताया कि इस प्रतिमा को बनाने का उद्देश्य पुराने रेलवे आधार और विरासत को याद दिलाना है। उन्होंने कहा, “वंदे भारत के समय में लोग पुराने आधार को भूलते जा रहे हैं। उसी को याद करने के लिए हमने इसे बनाया है, ताकि लोग समझें कि पुराना भी बहुत दम रखता है। जमालपुर में पहली बार कुछ ऐसा अनोखा बना है।” स्थानीय निवासी अनीता सिंह ने बताया कि बसंत पंचमी के अवसर पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती की यह प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने इसे “बहुत ही आकर्षक” बताया। अनिल कुमार दास ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आजकल के बच्चे पुराने जमाने की चीजों को भूलते जा रहे हैं। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से बच्चों को पुराने रेलवे के स्वरूप और उसके संचालन के तरीके को याद दिलाने का प्रयास किया है, ताकि वे अपनी विरासत से जुड़े रहें। जमालपुर में एक जूनियर इंजीनियर ने विद्या की देवी मां सरस्वती की एक अनूठी प्रतिमा बनाई है। यह प्रतिमा एक रेल इंजन पर सवार है, जिसे जमालपुर के एक रेलवे क्वार्टर में स्थापित किया गया है। इस आकर्षक प्रतिमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। यह प्रतिमा जमालपुर रेल इंजन कारखाना के जूनियर इंजीनियर कुंदन कुमार दास (पावर हाउस एसएससी) और उनके भाई ने मिलकर बनाई है। मूर्ति के निर्माण में नई तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे इसे एक विशिष्ट आकार दिया गया है। कुंदन कुमार दास ने बताया कि इस प्रतिमा को बनाने का उद्देश्य पुराने रेलवे आधार और विरासत को याद दिलाना है। उन्होंने कहा, “वंदे भारत के समय में लोग पुराने आधार को भूलते जा रहे हैं। उसी को याद करने के लिए हमने इसे बनाया है, ताकि लोग समझें कि पुराना भी बहुत दम रखता है। जमालपुर में पहली बार कुछ ऐसा अनोखा बना है।” स्थानीय निवासी अनीता सिंह ने बताया कि बसंत पंचमी के अवसर पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती की यह प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने इसे “बहुत ही आकर्षक” बताया। अनिल कुमार दास ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आजकल के बच्चे पुराने जमाने की चीजों को भूलते जा रहे हैं। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से बच्चों को पुराने रेलवे के स्वरूप और उसके संचालन के तरीके को याद दिलाने का प्रयास किया है, ताकि वे अपनी विरासत से जुड़े रहें।  

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