गोपालगंज के थावे छपरा रेल खंड के सासामुसा रेलवे स्टेशन पर एक यात्री ट्रेन पर चढ़ने के दौरान ट्रेन के नीचे गिर गया जिसके बाद उसे तुरंत मौजूद लोगो ने किसी तरह बाहर निकाल कर उसकी जान बचाई। हालांकि इस बीच वह बुरी तरह जख्मी हो गया। जख्मी अवस्था में उसे तत्काल इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भेजा गया जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया गया। जख्मी की पहचान कुचायकोट थाना क्षेत्र के सीरिसिया गांव निवासी समसुल हक का 40 वर्षीय बेटा जलालुद्दीन हक के रूप में किया गया। ट्रेन पर चढ़े ही थे कि ट्रेन खुल गई दरअसल घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि जलालुद्दीन किसी काम के सिलसिले में गोपालगंज जाने के लिए सासामुसा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। इसी बीच वह पैसेंजर ट्रेन पर सवार होकर गोपालगंज जाने के लिए जैसे ही ट्रेन पर चढ़े ही थे कि ट्रेन खुल गई। इस दौरान उनका पैर फिसल गया। और वह सीधे ट्रेन के नीच गिर पड़े। ट्रेन अभी धीमी गति से चल ही रही थी कि स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्रियों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल जलालुद्दीन को खींच कर बाहर निकाला हालांकि इस दौरान वह बुरी तरह जख्मी होकर लहू लुहान हो गए। वही इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने जख्मी हो इलाज के लिए मॉडल अस्पताल भेज दी जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति को नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। गोपालगंज के थावे छपरा रेल खंड के सासामुसा रेलवे स्टेशन पर एक यात्री ट्रेन पर चढ़ने के दौरान ट्रेन के नीचे गिर गया जिसके बाद उसे तुरंत मौजूद लोगो ने किसी तरह बाहर निकाल कर उसकी जान बचाई। हालांकि इस बीच वह बुरी तरह जख्मी हो गया। जख्मी अवस्था में उसे तत्काल इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भेजा गया जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया गया। जख्मी की पहचान कुचायकोट थाना क्षेत्र के सीरिसिया गांव निवासी समसुल हक का 40 वर्षीय बेटा जलालुद्दीन हक के रूप में किया गया। ट्रेन पर चढ़े ही थे कि ट्रेन खुल गई दरअसल घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि जलालुद्दीन किसी काम के सिलसिले में गोपालगंज जाने के लिए सासामुसा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। इसी बीच वह पैसेंजर ट्रेन पर सवार होकर गोपालगंज जाने के लिए जैसे ही ट्रेन पर चढ़े ही थे कि ट्रेन खुल गई। इस दौरान उनका पैर फिसल गया। और वह सीधे ट्रेन के नीच गिर पड़े। ट्रेन अभी धीमी गति से चल ही रही थी कि स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्रियों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल जलालुद्दीन को खींच कर बाहर निकाला हालांकि इस दौरान वह बुरी तरह जख्मी होकर लहू लुहान हो गए। वही इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने जख्मी हो इलाज के लिए मॉडल अस्पताल भेज दी जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति को नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।


