पूर्णिया विश्वविद्यालय के शिक्षक बहाली में अनियमितता का आरोप:ABVP ने कुलपति से की जांच की मांग, कहा- कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करेंगे

पूर्णिया विश्वविद्यालय के शिक्षक बहाली में अनियमितता का आरोप:ABVP ने कुलपति से की जांच की मांग, कहा- कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करेंगे

ABVP ने पूर्णिया विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक बहाली में भारी अनियमितता का आरोप लगाया है। कुलपति से मामले की जांच करने को कहा है। मामले को संज्ञान में लेकर दोषी पदाधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई न करने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। अभाविप के विभाग संयोजक नीतीश कुमार निक्कू ने कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय की ओर से निकाली गई अतिथि शिक्षक बहाली में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। रिजल्ट जारी होने के बाद विश्वविद्यालय ने अपने वेबसाइट से रिजल्ट को हटा दिया, जो नियमानुकूल नहीं है। अतिथि शिक्षक बहाली को लेकर निकाली गई विज्ञापन में सौ प्वाइंट आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। ABVP ने कहा है कि आरक्षण रोस्टर के अप्रूवल बगैर अतिथि शिक्षकों का चयन किया गया। साथ ही टेक्निकल प्रॉब्लम बताकर 24 घंटे में रिजल्ट को वेबसाइट से गायब कर दिया गया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति अपने भ्रष्टतम समय से गुजर रहे हैं। आधे अधूरे सीट पर नियुक्ति की आगे उन्होंने कहा कि किस विषय में कितने शिक्षक की बहाली होनी है, इस विषय को लेकर विज्ञापन में खाली सीटों की सूची जारी की गई थी, रिजल्ट जारी होने के बाद आधे अधूरे सीट पर नियुक्ति की गई। किसी विषय में रिक्त सीटों की संख्या 16 दिखाया गया है, वहीं विश्वविद्यालय की ओर से जारी रिजल्ट में सिर्फ 10 अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया है, ये मामला एक विषय का नहीं बल्कि ऐसे कई विषयों का है। रसायन शास्त्र विज्ञान विषय में कैसे एक महिला अभ्यर्थी को अति-पिछड़ा वर्ग के सीटों पर चयन किया गया, जबकि विश्वविद्यालय की ओर से जारी अतिथि शिक्षक बहाली विज्ञापन के एनेक्सर-1 में रसायन विज्ञान में महिला अति पिछड़ा श्रेणी में सीटों की संख्या शून्य दिखाई गई थी। विश्वविद्यालय के द्वारा निकाली गई आरक्षण रोस्टर में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों की सीटों की संख्या पर महिला और पुरुष की संख्या कैसे निर्धारित की जा सकती है। इससे ये स्पष्ट होता है कि अतिथि शिक्षकों के बहाली में भारी भ्रष्टाचार के साथ-साथ व्यापक तौर पर अनियमितताएं की गई है, जो किसी भी तरह से नियमानुकूल नहीं है। राजभवन इस पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्त दोषियों पर उचित कार्रवाई करें। साथ ही पूरे नियुक्ति प्रणाली को राज्य के किसी विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कुलपति या विजिलेंस से जांच कराई जाए, ताकि पूरे नियुक्ति प्रणाली में हुई गड़बड़ी की जांच हो। मांग पत्र बनाकर राज्य-भवन को ईमेल किया गया है। नीतीश कुमार निक्कू ने कहा अविलंब कुलपति इस मामला पर संज्ञान लेकर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई करे नहीं तो अभाविप चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगा। ABVP ने पूर्णिया विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक बहाली में भारी अनियमितता का आरोप लगाया है। कुलपति से मामले की जांच करने को कहा है। मामले को संज्ञान में लेकर दोषी पदाधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई न करने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। अभाविप के विभाग संयोजक नीतीश कुमार निक्कू ने कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय की ओर से निकाली गई अतिथि शिक्षक बहाली में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। रिजल्ट जारी होने के बाद विश्वविद्यालय ने अपने वेबसाइट से रिजल्ट को हटा दिया, जो नियमानुकूल नहीं है। अतिथि शिक्षक बहाली को लेकर निकाली गई विज्ञापन में सौ प्वाइंट आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। ABVP ने कहा है कि आरक्षण रोस्टर के अप्रूवल बगैर अतिथि शिक्षकों का चयन किया गया। साथ ही टेक्निकल प्रॉब्लम बताकर 24 घंटे में रिजल्ट को वेबसाइट से गायब कर दिया गया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति अपने भ्रष्टतम समय से गुजर रहे हैं। आधे अधूरे सीट पर नियुक्ति की आगे उन्होंने कहा कि किस विषय में कितने शिक्षक की बहाली होनी है, इस विषय को लेकर विज्ञापन में खाली सीटों की सूची जारी की गई थी, रिजल्ट जारी होने के बाद आधे अधूरे सीट पर नियुक्ति की गई। किसी विषय में रिक्त सीटों की संख्या 16 दिखाया गया है, वहीं विश्वविद्यालय की ओर से जारी रिजल्ट में सिर्फ 10 अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया है, ये मामला एक विषय का नहीं बल्कि ऐसे कई विषयों का है। रसायन शास्त्र विज्ञान विषय में कैसे एक महिला अभ्यर्थी को अति-पिछड़ा वर्ग के सीटों पर चयन किया गया, जबकि विश्वविद्यालय की ओर से जारी अतिथि शिक्षक बहाली विज्ञापन के एनेक्सर-1 में रसायन विज्ञान में महिला अति पिछड़ा श्रेणी में सीटों की संख्या शून्य दिखाई गई थी। विश्वविद्यालय के द्वारा निकाली गई आरक्षण रोस्टर में आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों की सीटों की संख्या पर महिला और पुरुष की संख्या कैसे निर्धारित की जा सकती है। इससे ये स्पष्ट होता है कि अतिथि शिक्षकों के बहाली में भारी भ्रष्टाचार के साथ-साथ व्यापक तौर पर अनियमितताएं की गई है, जो किसी भी तरह से नियमानुकूल नहीं है। राजभवन इस पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्त दोषियों पर उचित कार्रवाई करें। साथ ही पूरे नियुक्ति प्रणाली को राज्य के किसी विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कुलपति या विजिलेंस से जांच कराई जाए, ताकि पूरे नियुक्ति प्रणाली में हुई गड़बड़ी की जांच हो। मांग पत्र बनाकर राज्य-भवन को ईमेल किया गया है। नीतीश कुमार निक्कू ने कहा अविलंब कुलपति इस मामला पर संज्ञान लेकर दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई करे नहीं तो अभाविप चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगा।  

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