धार में महाराजा भोज स्मृति वसंत उत्सव समिति द्वारा आयोजित पांच दिवसीय बसंतोत्सव के तहत भोजशाला में मातृशक्ति सम्मेलन संपन्न हुआ। शनिवार को हुए इस आयोजन में धार शहर सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। सम्मेलन के दौरान महिलाओं ने भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी के तैल चित्र का पूजन-अर्चन किया और आरती की। राष्ट्र सेविका समिति की मालवा प्रांत कार्यवाहिका भारती कुशवाह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थीं। उन्होंने महिलाओं को परिवार व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संबोधित किया। कार्यक्रम के समापन पर मीडिया से बात करते हुए भारती कुशवाह ने कहा कि महिलाएं अध्यात्म और परिवार की रक्षा को स्वयं समझती हैं। उन्होंने बसंत पंचमी पर भोजशाला में हुए अखंड हवन पूजा में मातृशक्ति की बड़ी भूमिका का भी उल्लेख किया। कुशवाह ने जोर दिया कि महिलाएं अपने पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों का पालन करने और उन्हें समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि एक मां, बेटी या पत्नी के रूप में महिलाएं परिवार में श्रेष्ठ संस्कार दे सकती हैं, जिससे संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को चरित्रवान बनाया जा सके। उनका मानना था कि इससे हमारा राष्ट्र चरित्रवान नागरिकों का राष्ट्र बन सकता है।


