नालंदा में 17 साल की एक नाबालिग ने चार लड़कों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। लड़की का आरोप है कि चार लड़कों में से वो तीन को पहचानती है। इन तीन में से एक से उसकी जान पहचान थी। चारों आरोपियों ने उसे गयाजी से 22 जनवरी को जबरन बाइक पर बैठाकर नालंदा ले गए थे, जहां उसके साथ गलत किया। नाबालिग का कहना है कि वारदात के बाद उसे 23 जनवरी को एक आरोपी ने बेहोशी की हालत में बाइक से ही उसके घर छोड़ दिया। घटना की जानकारी नाबालिग ने परिजन को दी। इसके बाद परिवार में ही सलाह-मशविरा किया गया। इसके बाद शनिवार को नालंदा के महिला थाना में नाबालिग परिजन के साथ पहुंची और मामला दर्ज कराया। ’24 घंटे बंधक बनाकर गलत काम करते रहे आरोपी’ नाबालिग ने बताया कि वो 8वीं क्लास की स्टूडेंट है। अपने परिजन के साथ गयाजी में खिलौना बेचने का काम करती है। उसने बताया कि आरोपियों में गोलू, छोटू और पप्पू शामिल है, जबकि एक आरोपी को नहीं पहचानती है। पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चारों आरोपी बाइक से आए थे और मुझे उठाकर अपने साथ ले गए थे। मुझे कहां ले गए थे, ये मैं नहीं जानती हूं। नाबालिग ने बताया कि घटना के दौरान मैं बेहोश हो गई थी। मुझे बेहोशी की हालत में ही एक आरोपी ने बाइक से घर पर छोड़ा। थोड़ी देर बार मैं होश में आई तो किसी तरह घर पहुंची। उसने मीडिया से कहा कि मेरे साथ क्या-क्या हुआ, ये नहीं बता सकती, लेकिन इतना पता है कि मेरे साथ गलत चीजें हुई हैं। आरोपियों ने करीब 24 घंटे तक मुझे बंधक बनाकर रखा था। पीड़िता बोली- तीन महीने से गोलू नाम के आरोपी से जान-पहचान थी पीड़िता ने बताया कि आरोपियों में से एक गोलू से मेरी पिछले तीन महीने से जान पहचान थी। नाबालिग ने बताया कि स्कूल आने-जाने के दौरान आरोपी से जान पहचान हुई थी। मैं जहां रहती हूं, उसके पास के मोहल्ले में गोलू का घर था। इसलिए मैं उसे देखती थी, पहचानती थी, इसलिए बातचीत करना शुरू किया था। मामले में महिला थाना अध्यक्ष कुमारी उषा सिंह ने बताया कि हमें पीड़िता की शिकायत मिली है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है, जिसके बाद अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नालंदा में 17 साल की एक नाबालिग ने चार लड़कों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। लड़की का आरोप है कि चार लड़कों में से वो तीन को पहचानती है। इन तीन में से एक से उसकी जान पहचान थी। चारों आरोपियों ने उसे गयाजी से 22 जनवरी को जबरन बाइक पर बैठाकर नालंदा ले गए थे, जहां उसके साथ गलत किया। नाबालिग का कहना है कि वारदात के बाद उसे 23 जनवरी को एक आरोपी ने बेहोशी की हालत में बाइक से ही उसके घर छोड़ दिया। घटना की जानकारी नाबालिग ने परिजन को दी। इसके बाद परिवार में ही सलाह-मशविरा किया गया। इसके बाद शनिवार को नालंदा के महिला थाना में नाबालिग परिजन के साथ पहुंची और मामला दर्ज कराया। ’24 घंटे बंधक बनाकर गलत काम करते रहे आरोपी’ नाबालिग ने बताया कि वो 8वीं क्लास की स्टूडेंट है। अपने परिजन के साथ गयाजी में खिलौना बेचने का काम करती है। उसने बताया कि आरोपियों में गोलू, छोटू और पप्पू शामिल है, जबकि एक आरोपी को नहीं पहचानती है। पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चारों आरोपी बाइक से आए थे और मुझे उठाकर अपने साथ ले गए थे। मुझे कहां ले गए थे, ये मैं नहीं जानती हूं। नाबालिग ने बताया कि घटना के दौरान मैं बेहोश हो गई थी। मुझे बेहोशी की हालत में ही एक आरोपी ने बाइक से घर पर छोड़ा। थोड़ी देर बार मैं होश में आई तो किसी तरह घर पहुंची। उसने मीडिया से कहा कि मेरे साथ क्या-क्या हुआ, ये नहीं बता सकती, लेकिन इतना पता है कि मेरे साथ गलत चीजें हुई हैं। आरोपियों ने करीब 24 घंटे तक मुझे बंधक बनाकर रखा था। पीड़िता बोली- तीन महीने से गोलू नाम के आरोपी से जान-पहचान थी पीड़िता ने बताया कि आरोपियों में से एक गोलू से मेरी पिछले तीन महीने से जान पहचान थी। नाबालिग ने बताया कि स्कूल आने-जाने के दौरान आरोपी से जान पहचान हुई थी। मैं जहां रहती हूं, उसके पास के मोहल्ले में गोलू का घर था। इसलिए मैं उसे देखती थी, पहचानती थी, इसलिए बातचीत करना शुरू किया था। मामले में महिला थाना अध्यक्ष कुमारी उषा सिंह ने बताया कि हमें पीड़िता की शिकायत मिली है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है, जिसके बाद अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


