समस्तीपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कार्यक्रम:जागरूकता रथ रवाना किया, बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा

समस्तीपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कार्यक्रम:जागरूकता रथ रवाना किया, बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा

समस्तीपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास निगम, चाइल्ड हेल्पलाइन व जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के संयुक्त देखरेख में बाल विवाह मुक्त जागरूकता रथ को रवाना किया गया। एडीएम बृजेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता अर्थ को रवाना किया है। ये अलग-अलग प्रखंड में जाकर लोगों को बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए जागरूक करेगा। उप-समाहर्ता ब्रजेश कुमार ने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम और समाज में इसके प्रति कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संचालित 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त अभियान के अंतर्गत बाल विवाह मुक्ति रथ की शुरुआत की गई है। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के संस्थापक सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बाल विवाह मुक्ति रथ जिले के हर ग्रामीण क्षेत्रों में दौरा करेगा। इस दौरान ग्रामीण, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं किशोर-किशोरियों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल विवाह के दुष्परिणामों और बाल अधिकारों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। साथ ही गाहे-बगाहे बाल विवाह की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। नुक्कड़ नाटक का आयोजन हुआ वक्ताओं ने बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी, जागरूकता और जनभागीदारी पर विशेष बल दिया। इसी तरह सरायरंजन प्रखंड के 40 गांवों में राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर बाल रैली, संकल्प सभा, संवाद, नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नौ महादलित टोला की किशोरियों के बीच सेनिटरी पैड बैंक पर चर्चा किया गया। पैरवी, नई दिल्ली के सहयोग से संस्था की ओर से अल्पसंख्यक बस्ती खालिसपुर में 30 बीड़ी श्रमिक परिवार की महिलाओं और किशोरियों के ऑप्शनल रोजगार सृजन के लिए महिला सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र की शुरुआत की गई। समस्तीपुर में राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास निगम, चाइल्ड हेल्पलाइन व जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के संयुक्त देखरेख में बाल विवाह मुक्त जागरूकता रथ को रवाना किया गया। एडीएम बृजेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता अर्थ को रवाना किया है। ये अलग-अलग प्रखंड में जाकर लोगों को बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए जागरूक करेगा। उप-समाहर्ता ब्रजेश कुमार ने बताया कि बाल विवाह की रोकथाम और समाज में इसके प्रति कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संचालित 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त अभियान के अंतर्गत बाल विवाह मुक्ति रथ की शुरुआत की गई है। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के संस्थापक सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बाल विवाह मुक्ति रथ जिले के हर ग्रामीण क्षेत्रों में दौरा करेगा। इस दौरान ग्रामीण, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं किशोर-किशोरियों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल विवाह के दुष्परिणामों और बाल अधिकारों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। साथ ही गाहे-बगाहे बाल विवाह की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। नुक्कड़ नाटक का आयोजन हुआ वक्ताओं ने बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी, जागरूकता और जनभागीदारी पर विशेष बल दिया। इसी तरह सरायरंजन प्रखंड के 40 गांवों में राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर बाल रैली, संकल्प सभा, संवाद, नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नौ महादलित टोला की किशोरियों के बीच सेनिटरी पैड बैंक पर चर्चा किया गया। पैरवी, नई दिल्ली के सहयोग से संस्था की ओर से अल्पसंख्यक बस्ती खालिसपुर में 30 बीड़ी श्रमिक परिवार की महिलाओं और किशोरियों के ऑप्शनल रोजगार सृजन के लिए महिला सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र की शुरुआत की गई।  

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