भोजशाला में ड्यूटी के बाद पुलिसवालों का जश्न मना:शांतिपूर्ण पूजा-नमाज साथ कराने के बाद जमकर डीजे पर थिरके जवान

भोजशाला में ड्यूटी के बाद पुलिसवालों का जश्न मना:शांतिपूर्ण पूजा-नमाज साथ कराने के बाद जमकर डीजे पर थिरके जवान

धार में शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। भोजशाला कमाल मौला मस्जिद में एक साथ पूजा और नमाज का आयोजन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह आयोजन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि कोर्ट के आदेशानुसार बसंत पंचमी पर भोजशाला में पूजा और नमाज दोनों होने थे। इस चुनौती को देखते हुए हजारों की संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। पुलिसकर्मियों की कड़ी मेहनत और मुस्तैदी के कारण पूरे शहर में शांति बनी रही और यह संवेदनशील आयोजन बिना किसी अप्रिय घटना के निपट गया। ड्यूटी के बाद पुलिसवालों ने मनाया जश्न
लंबी ड्यूटी और तनावपूर्ण माहौल के बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। अपनी सफलता पर जवानों ने डीजे की धुन पर जश्न मनाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग भी प्रशासन के इस सफल कार्य की सराहना कर रहे हैं। दर्शन के लिए ढाई घंटे इंतजार
हिंदू समाज ने इस बार अखंड पूजन का संकल्प लिया था। समर्थन में शहर के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। सुबह 7:24 बजे यज्ञ की पहली आहुति के साथ पूजन शुरू हुआ, जो सूर्यास्त तक चलता रहा। भोजशाला के बाहर करीब 1 किमी लंबी कतार लगी। श्रद्धालुओं को ढाई घंटे में दर्शन हुए। इधर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने कहा कि वसंत पंचमी पर हर कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। इसके लिए धार की जनता का आभार। एक साथ पूजा और नमाज हुई
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लिए पूजन और नमाज की अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई थीं। गर्भगृह में हिंदू समाज ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की अखंड पूजा की, जबकि भोजशाला के संरक्षित परिसर के उत्तरी भाग में मुस्लिम समुदाय के 17 सदस्यों ने जुमे की नमाज अदा की। प्लानिंग के 5 बिंदु जिनसे शांति कायम रही… 24 साल में चौथी बार शुक्रवार को रही बसंत पंचमी
2003, 2013 और 2016 के कड़वे अनुभवों के उलट इस बार प्रशासन की 6-सेक्टर रणनीति सफल रही। 24 साल में यह चौथी बार है जब बसंत पंचमी शु​क्रवार को रही। लेकिन इस बार परिसर में बिना किसी विवाद के अखंड पूजा और जुमे की नमाज दोनों संपन्न हुईं। हालांकि, नमाज के स्थान को लेकर मुस्लिम समुदाय की ओर से नाराजगी भी सामने आई।

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