बलरामपुर-रामानुजगंज मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत लगभग 90 करोड़ रुपए की लागत से 29 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण की शुरुआत से ही ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। इसी को लेकर जिला पंचायत के सभापति बद्री यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को आवागमन योग्य बनाए रखने के लिए गड्ढों को भरने में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। वहीं, पानी का छिड़काव नहीं होने से सड़क पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे प्रतिदिन हजारों राहगीरों को परेशानी हो रही है। सड़क किनारे रहने वाले लोग धूल के कारण बीमार पड़ रहे हैं, जिसका बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन इन्हीं समस्याओं को लेकर जिला पंचायत के सभापति और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष बद्री यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में गांव के लोगों ने जामवंतपुर में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब होने और नियमित पानी का छिड़काव नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। ठेकेदार पर मनमानी तरीके से काम करने का आरोप प्रदर्शन के दौरान बद्री यादव ने कहा कि ठेकेदार जिस प्रकार से कार्य कर रहा है, वह अस्वीकार्य है। प्रतिदिन हजारों लोग परेशान हो रहे हैं और निर्माण कार्य में गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार मनमानी तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि सड़क गुणवत्तापूर्ण बनेगी, लेकिन विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।


