चित्रकूट के बरगढ़ कस्बे में फिरौती के लिए किडनैप नाबालिग छात्र आयुष केसरवानी का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हजारों लोग मौजूद रहे। परिजनों और व्यापारियों ने शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दूसरे हत्यारोपी का भी एनकाउंटर करने की मांग की। कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के सातवीं कक्षा के बेटे आयुष को गुरुवार शाम उनके पूर्व किराएदार कल्लू उर्फ साहेब और इरफान बाइक सिखाने के बहाने अपने घर ले गए थे। वहां आरोपियों ने आयुष की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को बाथरूम में गड्ढा खोदकर छिपा दिया गया था। इसके बाद आरोपियों ने आयुष के पिता से 40 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। सूचना मिलने पर एसपी अरुण कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर आयुष का शव बरामद कर लिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आयुष की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई है। पिता ने आत्मदाह की चेतावनी दी
आयुष की अंतिम यात्रा में सभी राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और व्यापारी शामिल हुए। पूरे कस्बे के बाजार बंद रहे। इस दौरान लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी देखी गई। छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर आयुष को छिपाया गया था, वहां मीडिया या परिजनों को जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। पिता ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शस्त्र लाइसेंस नहीं मिला, दूसरे आरोपी का एनकाउंटर नहीं हुआ और दोनों आरोपियों के घरों पर बुलडोजर नहीं चला, तो वे मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने परिवार सहित आत्मदाह करेंगे। बांदा-चित्रकूट सांसद कृष्णा देवी पटेल भी अंतिम संस्कार में शामिल हुईं।


