कैमूर में 27 जनवरी को हरशू ब्रह्म महाराज का जन्मोत्सव:भव्य शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम होंगे, चांदी का मुकुट रहेगा खास आकर्षण, हजारों श्रद्धालु जुटेंगे

कैमूर में 27 जनवरी को हरशू ब्रह्म महाराज का जन्मोत्सव:भव्य शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम होंगे, चांदी का मुकुट रहेगा खास आकर्षण, हजारों श्रद्धालु जुटेंगे

कैमूर जिले में 27 जनवरी 2026 को हरशू ब्रह्म महाराज का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। हरशू ब्रह्म धाम में जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। हरशुवंशी परिवार और आयोजन समिति की कई बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में झांकी प्रदर्शन, बाबा का विशेष अभिषेक, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक गतिविधियों का कार्यक्रम तय किया गया है। इस बार जन्मोत्सव का विशेष आकर्षण एक चांदी का मुकुट होगा, जिसे एक भक्त द्वारा बाबा को समर्पित किया गया है। यह मुकुट हरशू ब्रह्म धाम के दरबार में विधिवत अर्पित किया जाएगा। कैमूर में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़
हरशुवंशी परिवार के आकाश पांडे ने बताया कि हरशू ब्रह्म महाराज ब्रह्मलीन होकर ब्रह्म के रूप में अवतरित हुए थे। श्रद्धालुओं का मानना है कि उनके दर्शन, भस्म और टीका लगाने से नकारात्मकता और कष्ट दूर होते हैं। यहां दान-पुण्य की अनिवार्यता नहीं है, बल्कि श्रद्धा और विश्वास को महत्व दिया जाता है। हरशू ब्रह्म धाम की ख्याति पूर्वांचल, शाहाबाद, पूरे बिहार, भारतवर्ष और विदेशों तक फैली हुई है। जन्मोत्सव के अवसर पर कैमूर में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन से भी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वय स्थापित किया जा रहा है। हरशुवंशी परिवार ने सभी भक्तों से शांतिपूर्ण सहभागिता की अपील की है। कैमूर जिले में 27 जनवरी 2026 को हरशू ब्रह्म महाराज का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। हरशू ब्रह्म धाम में जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। हरशुवंशी परिवार और आयोजन समिति की कई बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में झांकी प्रदर्शन, बाबा का विशेष अभिषेक, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक गतिविधियों का कार्यक्रम तय किया गया है। इस बार जन्मोत्सव का विशेष आकर्षण एक चांदी का मुकुट होगा, जिसे एक भक्त द्वारा बाबा को समर्पित किया गया है। यह मुकुट हरशू ब्रह्म धाम के दरबार में विधिवत अर्पित किया जाएगा। कैमूर में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़
हरशुवंशी परिवार के आकाश पांडे ने बताया कि हरशू ब्रह्म महाराज ब्रह्मलीन होकर ब्रह्म के रूप में अवतरित हुए थे। श्रद्धालुओं का मानना है कि उनके दर्शन, भस्म और टीका लगाने से नकारात्मकता और कष्ट दूर होते हैं। यहां दान-पुण्य की अनिवार्यता नहीं है, बल्कि श्रद्धा और विश्वास को महत्व दिया जाता है। हरशू ब्रह्म धाम की ख्याति पूर्वांचल, शाहाबाद, पूरे बिहार, भारतवर्ष और विदेशों तक फैली हुई है। जन्मोत्सव के अवसर पर कैमूर में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन से भी सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वय स्थापित किया जा रहा है। हरशुवंशी परिवार ने सभी भक्तों से शांतिपूर्ण सहभागिता की अपील की है।  

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