बसंत पंचमी के अवसर पर श्री नृत्यधाम दक्ष फाउंडेशन ने जानकीपुरम गार्डन, सेक्टर-डी में वासंतिका उत्सव का आयोजन किया। यह उत्सव श्रद्धा, कला और संस्कृति का संगम बना। कार्यक्रम की शुरुआत विद्या व संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना और हवन के साथ हुई, जिसमें पीले परिधानों में सजी नृत्यांगनाओं और महिलाओं ने भाग लिया। उत्सव के पहले चरण में नृत्यांगनाओं ने शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से मां सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित की। निशी मिश्रा के संयोजन में दक्षता तिवारी, विदुषी सिंह, विदुषी अवस्थी, शिवि, रक्षिता, अद्रिका और रेहा सहित बाल नृत्यांगनाओं ने “पिया आयो वसंत” पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में भाव, ताल और लय का सुंदर समन्वय देखने को मिला। मां सरस्वती शारदे’ पर आकर्षक प्रस्तुति दी वासंतिका के अगले चरण में पीहू, काश्वी, सानवी, ईशी, अनायरा, अदीरा, काव्या, उत्सवी और रिद्धिमा सहित अन्य बाल एवं युवा नृत्यांगनाओं ने कथक नृत्य शैली में ‘सरस्वती वंदना- मां सरस्वती शारदे’ पर आकर्षक प्रस्तुति दी। उनकी मुद्राओं में भक्ति और शास्त्रीय अनुशासन स्पष्ट दिखाई दिया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गुरु मां वीना सेवक, विशिष्ट अतिथि डॉ. शगुफ़्ता और डॉ. शालिनी अवस्थी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उत्कर्ष मिश्रा, लता मिश्रा, निष्कर्ष सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। वासंतिका उत्सव ने कला, आस्था और अनुशासन के माध्यम से संस्कारों के संवर्धन का संदेश दिया।


