जहानाबाद में पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय नाई संघ द्वारा ठाकुरबाड़ी स्थित कर्पूरी भवन में एक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मेघा छात्र प्रतियोगिता का भी आयोजन
राजद के जिला अध्यक्ष महेश ठाकुर ने बताया कि संघ कई वर्षों से जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मना रहा है। वर्ष 2023 से इस अवसर पर एक मेघा छात्र प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें कक्षा 8 से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं। सफल प्रतिभागियों को अखिल भारतीय नाई संघ द्वारा पुरस्कृत किया जाता है। कर्पूरी ठाकुर पर कभी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा
ठाकुर ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि जननायक थे। वे दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन पर कभी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने शोषित, पिछड़े और दलितों की आवाज बनकर उनके हक की लड़ाई लड़ी और उन्हें न्याय दिलाने का काम किया। लालू यादव उनके सिद्धांतों पर चल रहे
उन्होंने आगे कहा कि आज सभी राजनीतिक दल उनके मार्गदर्शन पर चलने का दावा करते हैं, लेकिन विशेष रूप से राजद के लालू यादव ने उनके सिद्धांतों का पालन करते हुए पिछड़े, दलित और शोषित समुदायों को ऊपर उठाने का काम किया है। महेश ठाकुर ने जोर देकर कहा कि कर्पूरी जी जैसा नेता इस देश में अभी कोई नहीं है और भविष्य में भी ऐसे नेता की संभावना कम ही दिखती है। उन्होंने एक मिसाल कायम की कि बिहार का मुख्यमंत्री रहते हुए भी वे अपना घर नहीं बना पाए। हम उन्हें याद कर उनके मार्गदर्शन पर चलने की प्रेरणा लेते हैं। जहानाबाद में पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय नाई संघ द्वारा ठाकुरबाड़ी स्थित कर्पूरी भवन में एक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मेघा छात्र प्रतियोगिता का भी आयोजन
राजद के जिला अध्यक्ष महेश ठाकुर ने बताया कि संघ कई वर्षों से जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मना रहा है। वर्ष 2023 से इस अवसर पर एक मेघा छात्र प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें कक्षा 8 से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं भाग लेते हैं। सफल प्रतिभागियों को अखिल भारतीय नाई संघ द्वारा पुरस्कृत किया जाता है। कर्पूरी ठाकुर पर कभी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा
ठाकुर ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि जननायक थे। वे दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन पर कभी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने शोषित, पिछड़े और दलितों की आवाज बनकर उनके हक की लड़ाई लड़ी और उन्हें न्याय दिलाने का काम किया। लालू यादव उनके सिद्धांतों पर चल रहे
उन्होंने आगे कहा कि आज सभी राजनीतिक दल उनके मार्गदर्शन पर चलने का दावा करते हैं, लेकिन विशेष रूप से राजद के लालू यादव ने उनके सिद्धांतों का पालन करते हुए पिछड़े, दलित और शोषित समुदायों को ऊपर उठाने का काम किया है। महेश ठाकुर ने जोर देकर कहा कि कर्पूरी जी जैसा नेता इस देश में अभी कोई नहीं है और भविष्य में भी ऐसे नेता की संभावना कम ही दिखती है। उन्होंने एक मिसाल कायम की कि बिहार का मुख्यमंत्री रहते हुए भी वे अपना घर नहीं बना पाए। हम उन्हें याद कर उनके मार्गदर्शन पर चलने की प्रेरणा लेते हैं।


