समस्तीपुर में जमीन विवाद में युवक से मारपीट हुई है। पड़ोसी ने जान बचाई है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायल की पहचान सुंदरम कुमार के तौर पर हुई है। घटना वारिसनगर थाना क्षेत्र के कुसैया वार्ड-2 की है। पिता अजय ठाकुर ने बताया कि चचेरे भाई रामनाथ ठाकुर ने 2014 में मेरे हिस्से की पांच धुर जमीन फर्जी तरीके से गांव के गणेश ठाकुर को बेच दी थी। इस मामले में गणेश ठाकुर और उनके परिवार के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। मेरी पत्नी अनीता देवी का बयान पहले ही दर्ज हो चुका है। दिसंबर 2025 में मेरे बेटे सुंदरम कुमार की कोर्ट में गवाही हुई थी। अब 28 जनवरी को मेरी गवाही होनी है। इसी बात को लेकर गणेश ठाकुर अपने लोगों के साथ मेरे घर पर पहुंचे। उस समय मैं मौजूद नहीं था। बेटे को धमकी देते हुए कहा कि अपने पिता को गवाही देने से मना कर देना। विरोध करने पर गले में गमछा डालकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दिया। पड़ोसियों ने बचाया जान अजय ठाकुर ने आगे बताया कि जबरन घर से खींचकर मेरे बेटे को ले जा रहे थे। इस बीच पड़ोसी रणबीर कुमार और अन्य लोगों ने उसकी जान बचाई। तुरंत मुझे और डायल-112 की टीम को सूचना दी गई। पड़ोसियों के सहयोग से सुंदरम को अस्पताल पहुंचाया गया। मेरा एक ही बेटा है। बाजार समिति में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पुलिस छानबीन कर रही है नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से मारपीट की सूचना मिली है। पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को मौरे पर भेजा गया है। बयान दर्ज होने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए वारिसनगर थाना भेज दिया जाएगा। समस्तीपुर में जमीन विवाद में युवक से मारपीट हुई है। पड़ोसी ने जान बचाई है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायल की पहचान सुंदरम कुमार के तौर पर हुई है। घटना वारिसनगर थाना क्षेत्र के कुसैया वार्ड-2 की है। पिता अजय ठाकुर ने बताया कि चचेरे भाई रामनाथ ठाकुर ने 2014 में मेरे हिस्से की पांच धुर जमीन फर्जी तरीके से गांव के गणेश ठाकुर को बेच दी थी। इस मामले में गणेश ठाकुर और उनके परिवार के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। मेरी पत्नी अनीता देवी का बयान पहले ही दर्ज हो चुका है। दिसंबर 2025 में मेरे बेटे सुंदरम कुमार की कोर्ट में गवाही हुई थी। अब 28 जनवरी को मेरी गवाही होनी है। इसी बात को लेकर गणेश ठाकुर अपने लोगों के साथ मेरे घर पर पहुंचे। उस समय मैं मौजूद नहीं था। बेटे को धमकी देते हुए कहा कि अपने पिता को गवाही देने से मना कर देना। विरोध करने पर गले में गमछा डालकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दिया। पड़ोसियों ने बचाया जान अजय ठाकुर ने आगे बताया कि जबरन घर से खींचकर मेरे बेटे को ले जा रहे थे। इस बीच पड़ोसी रणबीर कुमार और अन्य लोगों ने उसकी जान बचाई। तुरंत मुझे और डायल-112 की टीम को सूचना दी गई। पड़ोसियों के सहयोग से सुंदरम को अस्पताल पहुंचाया गया। मेरा एक ही बेटा है। बाजार समिति में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पुलिस छानबीन कर रही है नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से मारपीट की सूचना मिली है। पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को मौरे पर भेजा गया है। बयान दर्ज होने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए वारिसनगर थाना भेज दिया जाएगा।


