Japan Civic Sense: रेस्टोरेंट में किसी ने की उल्टी, तो स्टाफ ने मशीन नहीं हाथों से की सफाई; वीडियो देख भारतीय रह गए हैरान

Japan Civic Sense: रेस्टोरेंट में किसी ने की उल्टी, तो स्टाफ ने मशीन नहीं हाथों से की सफाई; वीडियो देख भारतीय रह गए हैरान

Etiquette: काम कोई छोटा नहीं होता। सभ्यता, स्वच्छता और मेजबानी(Japanese Hospitality) का असली मतलब क्या होता है, इसका एक जीता-जागता उदाहरण जापान (Japan Civic Sense) में देखने में आया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने नेटिज़न्स का ध्यान खींचा है, जिसमें एक रेस्टोरेंट का स्टाफ फर्श पर पड़ी गंदगी बिना किसी हिचकिचाहट के साफ करता हुआ नजर आ रहा है। यह वीडियो (Viral Cleaning Video) एक भारतीय महिला ने शेयर किया है, जो वहां का ‘सर्विस कल्चर’ और जिम्मेदारी की भावना देख कर चकित रह गईं।

क्या है वायरल वीडियो में ?

वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जापान के एक व्यस्त रेस्टोरेंट में संभवतः किसी ग्राहक ने उल्टी (Vomit) कर दी थी। आम तौर पर ऐसी स्थिति में लोग दूरी बना लेते हैं या सफाई कर्मचारी का इंतजार करते हैं। लेकिन, वहां के स्टाफ ने जो किया, उसने सबका दिल जीत लिया। स्टाफ के सदस्य ने बिना किसी झिझक, दस्ताने पहन कर हाथों से वह गंदगी साफ करना शुरू कर दिया। ऐसा करते समय उनके चेहरे पर न तो कोई शिकन थी और न ही काम के प्रति अरुचि दिखाई।

भारतीय महिला का अनुभव

वीडियो शूट करने वाली भारतीय महिला ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह यह देख कर हैरान थीं कि स्टाफ ने इसे केवल अपना ‘काम’ नहीं, बल्कि अपनी ‘जिम्मेदारी’ समझा। महिला ने बताया कि सफाई के दौरान रेस्टोरेंट के अन्य कार्यों में कोई बाधा नहीं आई और कुछ ही मिनटों में फर्श को ऐसे चमका दिया गया, जैसे वहां कुछ हुआ ही न हो। उन्होंने इसे ‘जापानी सिविक सेंस’ का चरम उदाहरण बताया।

जापानी संस्कृति और स्वच्छता का मेल

जापान में बच्चों को स्कूल के दिनों से ही अपने क्लासरूम और टॉयलेट खुद साफ करना सिखाया जाता है। यही संस्कार बड़े होकर उनके कार्यस्थल पर भी दिखाई देते हैं। वहां सफाई करने वाले को हीन भावना से नहीं देखा जाता, बल्कि सफाई न रखना शर्म की बात मानी जाती है। यह वीडियो इसी सोच का प्रतिबिंब है।

सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मिली-जुली लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।

प्रशंसा: अधिकतर लोग जापानी वर्क कल्चर की तारीफ कर रहे हैं। भारतीयों का कहना है कि हमें इस अनुशासन से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।

तुलना: कई यूजर्स ने भारत की स्थिति से इसकी तुलना करते हुए कहा कि हमारे यहां सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाना आम बात है और सफाई को ‘दूसरे का काम’ समझा जाता है।

हैरानी: कुछ लोग इस बात पर हैरान हैं कि रेस्टोरेंट स्टाफ ने बिना किसी मशीन के इतने प्रभावी ढंग से हाथों से सफाई की।

ग्लोबल ट्रेंड: यह वीडियो अब ‘Civic Sense’ और ‘Public Etiquette’ जैसी वैश्विक चर्चाओं का हिस्सा बन गया है।

जागरूकता: इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई भारतीय इंफ्लुएंसर्स स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की बात कर रहे हैं।

टूरिज्म पर असर: जापान के पर्यटन को ऐसी खबरों से हमेशा बढ़ावा मिलता है, क्योंकि पर्यटक वहां की सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति आश्वस्त रहते हैं।

यह है काम का सम्मान

इस खबर का एक दूसरा पहलू ‘डिग्निटी ऑफ लेबर’ (काम का सम्मान) है। भारत जैसे देशों में अक्सर छोटे समझे जाने वाले कामों (जैसे सफाई) को एक खास वर्ग या सफाईकर्मियों के लिए छोड़ दिया जाता है। जापान का यह उदाहरण सिखाता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और अपने परिवेश को स्वच्छ रखना हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य है। यह वीडियो न केवल सफाई, बल्कि मानवीय गरिमा और पेशेवर नैतिकता का भी एक बड़ा सबक है।

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