दुनिया में उथल-पुथल के बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरताः Petroleum Minister

दुनिया में उथल-पुथल के बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरताः  Petroleum Minister

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल जारी रहने के बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार स्थिर हैं और मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।

पुरी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ऊर्जा उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों को एक लचीला, टिकाऊ और भरोसेमंद बाजार सुनिश्चित करने में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, पिछले एक साल में दुनिया अधिक रोमांचक और कुछ मायनों में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। वैश्विक स्तर पर तेल की कोई किल्लत नही है लेकिन कुछ अन्य कारक बने हुए हैं।

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति का विविधीकरण किया है और अब 27 देशों से बढ़कर 41 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है। इससे बाजार स्थिति के आधार पर निर्णय लेने में आसानी होती है।

पुरी ने कहा कि कुछ स्रोतों से आपूर्ति पहले बढ़ी थी और अब थोड़ी कम हो रही है लेकिन कुल मिलाकर वैश्विक आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है और आगे भी बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि गुयाना, सूरीनाम और ब्राजील जैसे देशों से ऊर्जा आपूर्ति बढ़ रही है, जो बाजार के लिए सकारात्मक है।

मंत्री ने रूस का सीधा उल्लेख न करते हुए कहा, फरवरी 2022 से पहले हमारी एक देश से आपूर्ति नगण्य थी लेकिन यह अचानक बहुत तेजी से बढ़ गई। अब यह थोड़ी घट रही है। इन सबमें बाजार ही निर्णायक होता है।

उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि वेनेजुएला या ईरान से अधिक आपूर्ति आएगी या नहीं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि वेनेजुएला या ईरान की घटनाओं से आपूर्ति में कोई कमी आने वाली है।

पुरी ने भारत में ऊर्जा उपलब्धता के प्रति आश्वस्ति जताते हुए कहा कि वह आने वाले समय में किसी भी कमी की उम्मीद नहीं करते हैं लेकिन संतुलित कीमतों और आपूर्ति सुनिश्चित करने की जरूरत है।

उन्होंने गोवा में 27 जनवरी से शुरू होने वाले इंडिया एनर्जी वीक के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सकारात्मक और साझा दृष्टिकोण से वैश्विक ऊर्जा बाजार को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्पादक और उपभोक्ता के बीच पारंपरिक विभाजन अब चलन में नहीं रह गया है और दोनों पक्षों की साझा दिलचस्पी है कि ऊर्जा बाजार मजबूत और भरोसेमंद रहे।

उन्होंने अत्यधिक मूल्य अस्थिरता पर भी चेतावनी दी, क्योंकि बहुत ऊंची कीमतें खपत को प्रभावित कर सकती हैं और बहुत कम कीमतें निवेश को रोक सकती हैं।
उन्होंने मौजूदा परिवेश को काफी सकारात्मक बताते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार बदलाव के दौर से गुजरने के बावजूद स्थिर बने हुए हैं।

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