मैनपुरी के दन्नाहर क्षेत्र स्थित हलपुरा गांव में एक मृत नवजात बच्ची को देवी का स्वरूप मानकर घर में स्थापित किया गया है। परिवार के इस दावे के बाद गांव और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बच्ची के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। गांव निवासी कंचन के परिवार का दावा है कि कुछ समय पहले कंचन को स्वप्न में देवी के दर्शन हुए थे। स्वप्न में देवी ने उनके घर आने की बात कही थी। इसके बाद कंचन की पत्नी राधा को प्रसव पीड़ा हुई और उन्हें स्वास्थ्य केंद्र कुचेला ले जाया गया, जहां उन्होंने एक कन्या को जन्म दिया। परिवार के अनुसार, नवजात बच्ची शाम तक जीवित रही, लेकिन बाद में उसकी मृत्यु हो गई। बच्ची को दफनाने की तैयारी चल रही थी, तभी राधा को एक और सपना आया। इस सपने में देवी ने स्वयं को ‘नादाऊ धाम’ की देवी बताते हुए घर में स्थान देने को कहा। इसके बाद परिजनों ने नवजात को स्नान कराया, गाय का दूध चढ़ाया और देवी मानकर घर में स्थापित कर दिया। तब से घर में नियमित रूप से भजन-कीर्तन और हवन-पूजन किया जा रहा है। इस घटना के बाद गांव में श्रद्धा और जिज्ञासा का माहौल है। कुछ ग्रामीण इसे देवी का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल एक संयोग बता रहे हैं। यह मामला सोशल मीडिया और आसपास के गांवों में तेजी से फैल गया है, जिसके कारण दूर-दराज से भी लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। न तो देवी स्वरूप के दावे को लेकर कोई बयान जारी किया गया है और न ही नवजात की मृत्यु के कारणों पर कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध है।


