‘धुरंधर’ से कई गुणा आगे ‘बॉर्डर 2’ की देशभक्ति, खून-खराबे से दूर साफ-सुथरी है सनी पाजी की फिल्म

‘धुरंधर’ से कई गुणा आगे ‘बॉर्डर 2’ की देशभक्ति, खून-खराबे से दूर साफ-सुथरी है सनी पाजी की फिल्म

Border 2 Vs Dhurandhar Plot: बीते दिन बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2′ ने दस्तक दे दी है। इस फिल्म में सनी पाजी के अलावा वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म ने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए 30 करोड़ का आंकड़ा छू लिया है। वहीं रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर पहली बार बीते शुक्रवार लाखों में सिमट कर रह गई है। दोनों ही फिल्मों में देशभक्ति का एलिमेंट डाला गया है तो जाहिर सी बात है दोनों के बीच तुलना होना तो लाजमी है। सनी की फिल्म की बात करें तो ये धुरंधर से कई मायनों में अलग है। चलिए बात करते हैं उन सभी प्वाइंट्स की जो इसे रणवीर की फिल्म से अलग बनाती है।

हमजा बनाम फतेह सिंह (Border 2 Vs Dhurandhar Plot)

‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह का किरदार हमजा पाकिस्तान में अंडर कवर एजेंट बनकर जाता है, जहां वो बिल्कुल वैसे ही रहता है जसे पाकिस्तानी रहते हैं। हमजा का काम हिंदुस्तान की इंटेलिजेंस को पाकिस्तान की हर जानकारी देना होता है। वहीं ‘बॉर्डर 2’ सनी पाजी का किरदार फतेह सिंह भारतीय सेना के अफसर हैं। फतेह अपने साथ पूरी फौज को लेकर चलते हैं। वो सेना का नेतृत्व करते हैं।

धुरंधर बनाम बॉर्डर 2 प्लॉट (Border 2 Vs Dhurandhar Plot)

जहां एक तरफ बॉर्डर का स्टोरी प्लॉट काफी रियल है क्योंकि ये सीधे भारतीय सेना और पाकिस्तान के बीच जंग को दिखाती है। वहीं रणवीर की धुरंधर में प्लॉट तो रियल है लेकिन बहुत सारे सीन ऐसे लगते हैं जो पूरी तरह से फिल्म को हिट कराने के मकसद से डाले गए हैं। दोनों फिल्मों का प्लॉट काफी अलग है। धुरंधर की कहानी को पार्ट्स में दिखाया गया था जैसे कि किसी भी गेम के अलग-अलग लेवल होते हैं वहीं ‘बॉर्डर 2’ में कहानी को सीधे-सीधे दिखाया गया है।

खून खराबा बनाम साफ-सुथरी देशभक्ति

दोनों फिल्मों की तुलना करें तो एक ये प्वाइंट भी निकलकर सामने आता है कि जहां रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ में एक्शन सीन्स में ज्यादा खून खराबा और बहुत ही ज्यादा वॉयलेंस का इस्तेमाल किया गया था वहीं सनी पाजी की फिल्म में दोनों सेनाओं के बीच की असली जंग को दिखाया गया है। हालांकि कुछ सीन्स में अंधविश्वास के फैक्टर को भी डाला गया है जो कि असली जंग में देखने को कम ही मिलता है लेकिन दोनों फिल्मों के एक्शन सीक्वंस एक और बड़ा फैक्टर है जो इन्हें अलग बनाता है।

फिल्मों की स्टारकास्ट

दोनों ही फिल्मों की स्टारकास्ट ने अपना पूरा दम-खम दिखाया है। जहां रणवीर सिंह के अलावा अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर माधवन जैसे सितारों ने धुरंधर में कामयाबी के झंडे गाड़ दिए बिल्कुल वैसा ही प्रयास ‘बॉर्डर 2’ की स्टारकास्ट ने भी किया है। इस फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे स्टार्स ने पूरी जान लगा दी है।

बॉर्डर 2 में ज्यादा इमोशनल फैक्टर

एक और बड़ा प्वाइंट जो दोनों फिल्मों को अलग बनाता है वो है इमोशनल फैक्टर। सनी देओल की फिल्म में इमोशन्स की भरमार है। देशभक्ति को सीधे जवानों की निजी जिंदगी से जोड़ा गया है, जिससे दर्शकों के साथ ज्यादा इमोशनल कनेक्ट हो पा रहा है। वहीं रणवीर की फिल्म ‘धुरंधर’ में ज्यादातर सस्पेंस और थ्रिल फैक्टर को रखा गया है। एक्शन सीन्स भी उसी हिसाब से तैयार किए गए हैं।

सिनेमा में ‘धुरंधर-एनिमल’ का बढ़ता प्रभाव

दिलचस्प बात ये है पिछले कुछ समय से सिनेमाजगत में खून-खराबा और वॉयलेंस वाली फिल्मों को ज्यादा तवज्जो मिलने लगा है जिसका सीधा असर दर्शकों पर पड़ता है। पहले ‘एनिमल’ और अब ‘धुरंधर’ में जिस तरह से वॉयलेंस को आसानी से पर्दे पर दिखाया गया है वो सिनेमा के बदलते दौर की तरफ इशारा कर रहा है। हालांकि ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्म ने दिखाया है कि बिना वॉयलेंस या खून-खराबे के भी देशभक्ति को पर्दे पर दिखाया जा सकता है।

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