अमेरिका के मिनियापोलिस–सेंट पॉल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 100 धर्मगुरुओं को गिरफ्तार किया गया। अमेरिकी इमिग्रेशन एनफोर्समेंट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उन पर यह कार्रवाई हुई है। यह जानकारी प्रदर्शन आयोजित करने वाले समूह फेथ इन मिनेसोटा ने दी।
ग्रुप ने जानकारी दी कि एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 डिपार्चर एरिया में सड़क ब्लॉक करने के बाद इन धार्मिक नेताओं को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
आयोजकों ने बताया कि प्रदर्शनकारी एयरलाइनों से यह मांग कर रहे थे कि वे मिनेसोटा में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) के साथ सहयोग बंद करें।
7 जनवरी के बाद से शुरू हुआ बवाल
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, 7 जनवरी को प्रवासन कार्रवाई के दौरान आईसीई के एजेंट जोनाथन रॉस की गोली से 37 वर्षीय अमेरिकी महिला रेनी गुड की मौत हो गई थी, जिससे तनाव बढ़ गया है।
हालांकि, इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सफाई भी दी थी। ट्रंप ने रेनी गुड की मौत को ‘ट्रेजडी’ बताया और कहा कि वे इसको लेकर बहुत बुरा महसूस कर रहे हैं।
ट्रंप ने एजेंट के बचाव में क्या कहा?
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ICE एजेंट्स को बचाते हुए कहा कि उनके एजेंट्स कभी-कभी गलतियां करते हैं और ऐसा होता रहता है।
शुरुआत में उन्होंने दावा किया कि गुड ने एजेंट को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों को समझने की बात कही।
इस गोलीबारी के बाद मिनियापोलिस इलाके में रोजाना विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि हवाई अड्डे पर धर्मगुरुओं ने मिलकर प्रार्थना की और उन लोगों की कहानियां साझा कीं जिन्हें आईसीई ने हिरासत में लिया है।
2,000 लोगों को देश से बाहर भेजा गया
फेथ इन मिनेसोटा ने बताया कि इसी हवाई अड्डे से अब तक करीब 2,000 लोगों को देश से बाहर भेजा गया है। वहीं यूनियन सदस्यों का कहना है कि आईसीई ने हवाई अड्डे के 12 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया है।
यह प्रदर्शन शुक्रवार को हुए एक बड़े आंदोलन का हिस्सा था, जिसे “आईसीई आउट ऑफ मिनेसोटा: ए डे ऑफ ट्रुथ एंड फ्रीडम” नाम दिया गया।
इसके तहत राज्य भर में 700 से ज्यादा कारोबार बंद रहे। आयोजकों ने लोगों से काम पर न जाने, खरीदारी न करने और स्कूल न भेजने की अपील की।
इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने उस सड़क को भी रोक लिया जो बिशप हेनरी व्हिपल फेडरल बिल्डिंग तक जाती है, जहां आईसीई के दफ्तर हैं। हेनेपिन काउंटी शेरिफ कार्यालय के अनुसार, कई घंटों तक प्रदर्शन चलता रहा।


