जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए जवान हरेराम कुंवर का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह तिरंगे में लिपटा हुआ उनके गांव पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव घर के आंगन में पहुंचा, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक उठीं। पत्नी खुशबू अपने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूट कर रो पड़ीं। रोते हुए उन्होंने अपने सुहाग से कहा, ‘मैं आपके भरोसे घर संभाल रही थी… आपने वादा किया था कि हमेशा मुझे संभालोगे।’ खुशबू ने सेना के एक अधिकारी का हाथ पकड़कर कहा, ‘मेरे बच्चे लावारिस हो गए हैं। अब ये कैसे पढ़ेंगे? इनकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा? आपने धोखा क्यों दिया। मैं बच्चों को अकेले कैसे पालूंगी?’ उनकी चीख-पुकार ने वहां मौजूद हर किसी को भावुक कर दिया। वहीं, शहीद की मां बार-बार बेहोश हो जा रही है। पिता का कहना है कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार दोपहर एक ऑपरेशन के लिए जाते समय जवानों की बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में भोजपुर के हरेराम कुंवर (38) समेत 10 जवान शहीद हो गए। शहीद हरेराम कुंवर भोजपुर जिले के ड़हरा प्रखंड स्थित नथमलपुर गांव के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बेटे हैं। शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद जवान हरेराम के अंतिम संस्कार की कुछ तस्वीरें… रिपोर्टर से जवान की पत्नी ने पूछा- वो ठीक हैं ना हम जैसे ही शहीद जवान के घर पहुंचे। बाहर पिता बदहवास बैठे दिखाई दिए। पत्नी और मां भी बेसुध थे। उन्हें शहादत की खबर नहीं दी गई थी। जवान की पत्नी ने भास्कर रिपोर्टर को देखते ही सवाल किया- वो जिंदा तो हैं ना। कब तक लौटेंगे। रिपोर्टर को पहले ही परिवार ने बता दिया था कि अभी पत्नी और मां को शहादत की खबर नहीं दी गई है। इसलिए, रिपोर्टर ने शहीद की पत्नी से कहा, वो ठीक हैं। कुछ चोट आई है। जल्द आ जाएंगे। अब जानिए जम्मू-कश्मीर में कैसे हुआ हादसा… हादसे से जुड़ी 5 तस्वीरें… शहीद जवान हरेराम की अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए जवान हरेराम कुंवर का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह तिरंगे में लिपटा हुआ उनके गांव पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव घर के आंगन में पहुंचा, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक उठीं। पत्नी खुशबू अपने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूट कर रो पड़ीं। रोते हुए उन्होंने अपने सुहाग से कहा, ‘मैं आपके भरोसे घर संभाल रही थी… आपने वादा किया था कि हमेशा मुझे संभालोगे।’ खुशबू ने सेना के एक अधिकारी का हाथ पकड़कर कहा, ‘मेरे बच्चे लावारिस हो गए हैं। अब ये कैसे पढ़ेंगे? इनकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा? आपने धोखा क्यों दिया। मैं बच्चों को अकेले कैसे पालूंगी?’ उनकी चीख-पुकार ने वहां मौजूद हर किसी को भावुक कर दिया। वहीं, शहीद की मां बार-बार बेहोश हो जा रही है। पिता का कहना है कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार दोपहर एक ऑपरेशन के लिए जाते समय जवानों की बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में भोजपुर के हरेराम कुंवर (38) समेत 10 जवान शहीद हो गए। शहीद हरेराम कुंवर भोजपुर जिले के ड़हरा प्रखंड स्थित नथमलपुर गांव के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बेटे हैं। शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद जवान हरेराम के अंतिम संस्कार की कुछ तस्वीरें… रिपोर्टर से जवान की पत्नी ने पूछा- वो ठीक हैं ना हम जैसे ही शहीद जवान के घर पहुंचे। बाहर पिता बदहवास बैठे दिखाई दिए। पत्नी और मां भी बेसुध थे। उन्हें शहादत की खबर नहीं दी गई थी। जवान की पत्नी ने भास्कर रिपोर्टर को देखते ही सवाल किया- वो जिंदा तो हैं ना। कब तक लौटेंगे। रिपोर्टर को पहले ही परिवार ने बता दिया था कि अभी पत्नी और मां को शहादत की खबर नहीं दी गई है। इसलिए, रिपोर्टर ने शहीद की पत्नी से कहा, वो ठीक हैं। कुछ चोट आई है। जल्द आ जाएंगे। अब जानिए जम्मू-कश्मीर में कैसे हुआ हादसा… हादसे से जुड़ी 5 तस्वीरें… शहीद जवान हरेराम की अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…


